सरकारी कार्यक्रमों में निर्वाचित प्रतिनिधियों को आमंत्रित करना ‘‘अनिवार्य’’ है:नीतीश

Edited By PTI News Agency, Updated: 01 Dec, 2021 09:10 PM

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पटना, एक दिसंबर (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित सरकारी कार्यक्रमों, शिलान्यास और अन्य समारोहों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करना अनिवार्य है।

पटना, एक दिसंबर (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित सरकारी कार्यक्रमों, शिलान्यास और अन्य समारोहों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करना अनिवार्य है।
बिहार विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक नीतीश मिश्रा के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा, ‘‘सभी जिला प्रशासन और राज्य सरकार के विभागों को पहले ही निर्देश दिया जा चुका है कि राज्य सरकार के किसी भी शिलान्यास समारोह या उद्घाटन समारोह में संबंधित क्षेत्रों के विधायकों, विधान परिषद सदस्यों , सांसदों सहित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाना चाहिए। यह अनिवार्य है।’’ उन्होंने कहा कि शिलान्यास और उद्घाटन पट्टिकाओं पर मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और एमएलसी सहित सरकारी अधिकारियों के नाम शामिल करना भी अनिवार्य है।
बिहार विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश करते हुए झंझारपुर से भाजपा विधायक नीतीश मिश्रा ने कहा कि स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों को आमंत्रित किए बिना प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना से जुड़ी कई परियोजनाओं का हाल में उद्घाटन किया गया ।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा ग्रामीण विकास विभाग द्वारा हाल में राज्य के कई क्षेत्रों में निर्वाचित प्रतिनिधियों को सूचित किए बिना कई नई परियोजनाएं शुरू की गईं।
इसी तरह की राय व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक अवध बिहारी चौधरी ने कहा, ‘‘इन दो योजनाओं के तहत कई परियोजनाओं का उद्घाटन हाल में राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों को सूचित किए बिना किया गया था।’’ उन्होंने कहा,‘‘ सीवान में मेरे निर्वाचन क्षेत्र में मेरी जानकारी के बिना मुख्यमंत्री द्वारा परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।’’ हालांकि आरोपों को खारिज करते हुए बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री जयंत राज ने कहा, ‘‘विभाग सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को ऐसे कार्यों में आमंत्रित करता है। सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।’’ इस बीच सदन ने बुधवार को बिहार भूमि दाखिल खारिज संशोधन विधेयक 2021 पारित किया जिससे राज्य में भूमि संबंधी विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।
बिहार के राजस्व और भूमि सुधार मंत्री राम सूरत राय ने बिहार भूमि दाखिल खारिज संशोधन विधेयक 2021 की मंजूरी की मांग की।


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