Edited By Khushi, Updated: 07 Feb, 2026 03:16 PM

Jharkhand Desk: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों कानूनी वजहों से चर्चा में हैं। चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने 6 फरवरी को सरेंडर कर दिया। यह मामला करीब 15 साल पुराना है, जो उनकी पहली निर्देशित...
Jharkhand Desk: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों कानूनी वजहों से चर्चा में हैं। चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्होंने 6 फरवरी को सरेंडर कर दिया। यह मामला करीब 15 साल पुराना है, जो उनकी पहली निर्देशित फिल्म से जुड़ा हुआ है।
दरअसल, साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई, जिसके बाद कर्ज चुकाने में देरी होती गई। इस दौरान भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने पर कंपनी ने राजपाल यादव के खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत केस दर्ज कराया। मामले की सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने उन्हें 6 महीने की सजा सुनाई थी। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने सजा पर रोक लगाते हुए राजपाल यादव को समझौता करने का मौका दिया था।
इसके बावजूद राजपाल यादव बार-बार कोर्ट को दिए गए आश्वासन और समझौते की शर्तों का पालन नहीं कर पाए। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने उन्हें कई बार समय दिया, लेकिन आखिरकार 4 फरवरी 2026 तक सरेंडर करने का आदेश जारी कर दिया गया। राजपाल यादव की ओर से एक हफ्ते की अतिरिक्त मोहलत और 50 लाख रुपये जमा करने की बात कही गई, लेकिन हाई कोर्ट ने इसे मानने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि बार-बार की गई चूक पर अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।