Edited By Khushi, Updated: 21 Jan, 2026 12:38 PM

Jharkhand News: झारखंड के सदर अस्पताल पर एक बार फिर संक्रमित रक्त चढ़ाने का आरोप लगा है। कहा जा रहा है कि एक ही परिवार के 3 लोग HIV पॉजिटिव पाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान चढ़ाए गए संक्रमित रक्त के कारण महिला, उसके पति...
Jharkhand News: झारखंड के सदर अस्पताल पर एक बार फिर संक्रमित रक्त चढ़ाने का आरोप लगा है। कहा जा रहा है कि एक ही परिवार के 3 लोग HIV पॉजिटिव पाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान चढ़ाए गए संक्रमित रक्त के कारण महिला, उसके पति और उनके बड़े बच्चे को एचआईवी संक्रमण हुआ है।
प्रसव के दौरान महिला को चढ़ाया संक्रमित रक्त
मामला करीब तीन साल पुराना बताया जा रहा है। परिवार को तीन साल बाद यह बात पता चली। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। झारखंड के स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिये हैं। वहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि जनवरी 2023 में महिला का पहला प्रसव चाईबासा सदर अस्पताल में सी-सेक्शन के जरिए हुआ था। इस दौरान महिला को रक्त की आवश्यकता पड़ी, जिसके लिए सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से खून उपलब्ध कराया गया। परिवार ने आरोप लगाया है कि उसी दौरान महिला को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाया गया। उस समय संक्रमण का कोई लक्षण सामने नहीं आया, लेकिन जून 2025 में जब महिला दूसरी बार गर्भवती हुई, तब रूटीन मेडिकल जांच के दौरान वह एचआईवी पॉजिटिव पाई गई। इसके बाद पति ने भी जांच कराई, जिसमें वह भी एचआईवी पॉजिटिव पाया गया। महिला के बड़े बच्चे के बीमार पड़ने पर उसकी जांच कराई गई, तो वह भी एचआईवी पॉजिटिव पाया गया।
कहीं दूसरा बच्चा भी HIV पॉजिटिव तो नहीं
महिला के पति का कहना है कि उन्हें समाज से अघोषित बहिष्कार का डर था और वे समझ नहीं पा रहे थे कि आगे क्या किया जाये। अब उन्हें इस बात की आशंका सता रही है कि कहीं उनका दूसरा बच्चा भी इस जानलेवा बीमारी से संक्रमित न हो जाये।
परिवार के HIV पॉजिटिव होने की जांच की जा रही
वहीं, मामले में प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. भारती गोरती मिंज ने बताया कि एक परिवार के तीन सदस्यों के एचआईवी पॉजिटिव होने की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि संक्रमण मां से आया है या किसी अन्य स्रोत से। विभाग द्वारा सभी मेडिकल रिकॉर्ड, ब्लड ट्रांसफ्यूजन की तारीख और डोनरों की जानकारी जुटाई जा रही है। पॉजिटिव मरीजों का उपचार अस्पताल में किया जायेगा।