Edited By Khushi, Updated: 08 Apr, 2026 10:17 AM

Jharkhand News: झारखंड में नक्सलवाद खत्म करने की समय-सीमा भले ही पूरी हो गई हो, लेकिन सुरक्षा बलों के सामने अब भी एक बड़ी चुनौती बाकी है। बड़े नक्सली नेताओं के खत्म होने के बाद अब एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—मिसिर बेसरा।
Jharkhand News: झारखंड में नक्सलवाद खत्म करने की समय-सीमा भले ही पूरी हो गई हो, लेकिन सुरक्षा बलों के सामने अब भी एक बड़ी चुनौती बाकी है। बड़े नक्सली नेताओं के खत्म होने के बाद अब एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—मिसिर बेसरा।
मिसिर बेसरा पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम घोषित
राज्य में नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के चलते कई बड़े नक्सली कमांडर या तो मारे जा चुके हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इसके बावजूद संगठन का एक बड़ा चेहरा मिसिर बेसरा अब भी सक्रिय है। उस पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम घोषित है। बेसरा के संगठन में भास्कर, सुनील, सुनीर्मल और विवेक जैसे कई सदस्य शामिल हैं। सुरक्षा बलों की कार्रवाई के कारण अब नक्सली गतिविधियां सीमित होकर सरांडा जंगल के सिर्फ तीन थाना क्षेत्रों तक रह गई हैं, लेकिन बेसरा अभी भी सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बना हुआ है।
बेटे ने पिता से हथियार छोड़ने की लगाई गुहार
खुफिया जानकारी के मुताबिक, मिसिर बेसरा सरांडा के जंगलों में छिपा हो सकता है। इसी वजह से सीआरपीएफ के करीब 3000 जवान इलाके में तैनात किए गए हैं और लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस पूरे मामले में एक भावनात्मक पहलू भी सामने आया है। खबर है कि बेसरा के बेटे ने उसे एक चिट्ठी लिखकर आत्मसमर्पण करने और सामान्य जीवन में लौटने की अपील की है। उसने अपने पिता से हथियार छोड़ने की गुहार लगाई है। सुरक्षा बलों का कहना है कि वे हर संभव कोशिश कर रहे हैं ताकि झारखंड को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाया जा सके और यह अभियान जल्द पूरा हो सके।