Edited By Khushi, Updated: 21 Feb, 2026 01:15 PM

Jharkhand News: झारखंड के रांची सदर अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग ने एक बड़ी चिकित्सीय सफलता हासिल की है। 54 वर्षीय मरीज के गर्दन और पीठ के (सर्वाइको-डार्सल) हिस्से में 17 साल से बढ़ रहे लगभग 5 किलोग्राम वजन के ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाया गया।
Jharkhand News: झारखंड के रांची सदर अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग ने एक बड़ी चिकित्सीय सफलता हासिल की है। 54 वर्षीय मरीज के गर्दन और पीठ के (सर्वाइको-डार्सल) हिस्से में 17 साल से बढ़ रहे लगभग 5 किलोग्राम वजन के ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाया गया।
17 साल से झेल रहा था तकलीफ
मरीज लंबे समय से गर्दन में सूजन, भारीपन और तेज दर्द से परेशान थे। ट्यूमर इतना बड़ा हो गया था कि मरीज का सिर झुकाना, बैठना और सामान्य तरीके से सोना भी मुश्किल हो गया था। मरीज कई बड़े अस्पतालों में सलाह ले चुके थे, लेकिन सर्जरी का उच्च जोखिम होने के कारण इलाज संभव नहीं हो पाया था।
जटिल सर्जरी में मिली सफलता
यह जटिल ऑपरेशन न्यूरोसर्जन डॉ. विकास कुमार के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने किया। सर्जरी के दौरान रक्तस्राव, नसों और मांसपेशियों की सुरक्षा, और त्वचा पुनर्निर्माण जैसी कई चुनौतियां थीं। टीम ने सावधानीपूर्वक योजना और उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर ट्यूमर को पूरी तरह निकालने में सफलता पाई। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. निरज, डॉ. वसुंधा, डॉ. ज्योतिका और डॉ. अंचल शामिल थीं। ऑपरेशन थिएटर स्टाफ में संजू, नूर, मंटू और सरिता सुरेश ने भी अहम योगदान दिया।
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और वह जल्दी स्वस्थ हो रहा है। इस सफलता पर सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि यह जिले के लिए गर्व की बात है। उप अधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने भी कहा कि यह सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की क्षमता को दर्शाती है।