Edited By Khushi, Updated: 25 Feb, 2026 12:04 PM

Jharkhand News: झारखंड सरकार ने बजट में कैंसर इलाज के लिए 200 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान कर स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। साथ ही सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पेट-स्कैन मशीन लगाने की घोषणा से मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
Jharkhand News: झारखंड सरकार ने बजट में कैंसर इलाज के लिए 200 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान कर स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। साथ ही सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पेट-स्कैन मशीन लगाने की घोषणा से मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा राज्य के प्रमुख अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) को मिलेगा।
कैंसर इलाज को मिलेगी मजबूती
सरकार ने कैंसर मरीजों की बेहतर जांच और इलाज के लिए 200 करोड़ रुपये अलग से रखने का फैसला किया है। इसके तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक पेट-स्कैन मशीनें लगाई जाएंगी। यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रांची स्थित रिम्स राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां हर महीने लगभग 600 नए कैंसर मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। झारखंड के अलावा बिहार, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां आते हैं। हालांकि रिम्स में कैंसर विभाग अलग से काम कर रहा है, लेकिन अभी पेट-स्कैन जैसी उन्नत जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके कारण मरीजों को निजी केंद्रों में जांच करानी पड़ती है, जहां एक पेट-स्कैन जांच का खर्च 25 से 30 हजार रुपये तक आता है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह बड़ी परेशानी है।
पेट-स्कैन क्यों है जरूरी?
ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों के अनुसार, पेट-स्कैन जांच से कैंसर की सही स्टेज का पता चलता है। इससे यह भी मालूम होता है कि कैंसर शरीर के किस हिस्से तक फैला है और इलाज कितना असरदार हो रहा है। समय पर और सही जांच से इलाज की सफलता की संभावना बढ़ जाती है। अभी संसाधनों की कमी के कारण सभी मरीजों को यह जांच नहीं लिखी जा पाती। अगर अस्पताल में ही यह सुविधा शुरू हो जाती है तो इलाज और बेहतर और सटीक हो सकेगा।
पूर्वी भारत में बढ़ रहे कैंसर के मामले
देश में हर साल लाखों नए कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं। पूर्वी भारत के राज्यों में तंबाकू से जुड़े कैंसर के मामले ज्यादा देखे जा रहे हैं। ऐसे में क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर जांच और इलाज की सुविधा बढ़ाना जरूरी हो गया है।
बजट से क्या होगा फायदा?
इस बजट प्रावधान से सिर्फ मशीनें ही नहीं लगेंगी, बल्कि प्रशिक्षित डॉक्टर और तकनीशियन, रेडियोफार्मास्यूटिकल दवाओं की आपूर्ति और मशीनों के रखरखाव की व्यवस्था भी मजबूत होने की उम्मीद है। यदि योजना समय पर लागू होती है तो रिम्स पूर्वी भारत का एक बड़ा कैंसर उपचार केंद्र बन सकता है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में पेट-स्कैन सुविधा शुरू होने से उनका आर्थिक बोझ कम होगा और इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत भी घटेगी। कुल मिलाकर, यह फैसला झारखंड में कैंसर इलाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।