Edited By Ramanjot, Updated: 26 Oct, 2026 01:42 PM

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में पूर्वी हवाएं तेज हो गई हैं और नमी का स्तर भी बढ़ रहा है। 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है, जिसमें उत्तर बिहार के जिलों में मौसम का मिजाज अधिक गंभीर रहने की संभावना है।
पटना: बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' बिहार के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है। यह चक्रवात 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंच सकता है, और इसके अप्रत्यक्ष प्रभाव से बिहार में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चल सकती हैं।
29 अक्टूबर को पूरे राज्य में 'ऑरेंज अलर्ट'
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में पूर्वी हवाएं तेज हो गई हैं और नमी का स्तर भी बढ़ रहा है। 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है, जिसमें उत्तर बिहार के जिलों में मौसम का मिजाज अधिक गंभीर रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को कुछ जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' और 29 अक्टूबर को पूरे बिहार के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इस दौरान हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, साथ ही आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है। हालांकि, 26 और 27 अक्टूबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क और सामान्य रहने की उम्मीद है।
फिलहाल बारिश के कोई आसार नहीं
पटना, मुजफ्फरपुर और अन्य इलाकों में धूप खिली रह सकती है; सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस हो सकती है और फिलहाल बारिश के कोई आसार नहीं हैं। अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हवा में नमी (आर्द्रता) 55 से 75 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है, जो मौसम प्रणाली के विकसित होने के साथ और बढ़ सकती है। संभावित बारिश और तेज हवाओं से खड़ी फसलों और फलों के पेड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। बिजली गिरने से लोगों, पशुधन और संपत्ति को खतरा हो सकता है। इसके अलावा, कच्चे ढांचे, टीन की छत वाले मकान और अस्थायी आवासों को भी नुकसान पहुंचने का डर है।
किसानों को एहतियात बरतने की सलाह
किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखें और अपनी फसलों तथा कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाएं। आम लोगों को सलाह दी जाती है कि आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न रुकें। बिजली कड़कने या गिरने की स्थिति में किसी सुरक्षित और मजबूत इमारत के अंदर चले जाएं। हालांकि बिहार में तूफान के सीधे टकराने (लैंडफॉल) की संभावना नहीं है, लेकिन इससे जुड़ी मौसमी स्थितियों के कारण कई जिलों में सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है। निवासियों और किसानों से अपील की गई है कि वे आधिकारिक सलाह का पालन करें और भारी बारिश तथा तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें।