बिहार में अब उपद्रवियों की खैर नहीं: सभी जिलों में गठित होंगी 49 दंगा-रोधी कंपनियां

Edited By Ramanjot, Updated: 19 Aug, 2026 03:58 PM

49 anti riot companies will be formed across all districts of bihar

पुलिस मुख्यालय के बयान के अनुसार, प्रत्येक दंगा-रोधी कंपनी में तीन प्लाटून होंगी और प्रत्येक प्लाटून में 47 कर्मी होंगे। इनमें आंसू गैस और लाठी दल, सशस्त्र बल, चालक तथा वायरलेस ऑपरेटर शामिल होंगे।

पटना: बिहार पुलिस ने कानून-व्यवस्था की संवेदनशील स्थिति, सांप्रदायिक तनाव, हिंसक प्रदर्शनों, सरकारी संपत्ति पर हमले और अन्य आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी जिलों में 'जिला दंगा-रोधी बल' (DARF) गठित करने का फैसला किया है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई। इस पहल के तहत जिला और अनुमंडल स्तर पर दंगा-रोधी इकाइयों का गठन किया जाएगा। इनमें प्रशिक्षित पुलिसकर्मी, महिला पुलिसकर्मी, चिकित्सा एवं एम्बुलेंस दल, वीडियो दस्तावेजीकरण कर्मी, संचार एवं रिजर्व बल तथा लाठी दल शामिल होंगे। 

पुलिस मुख्यालय के बयान के अनुसार, प्रत्येक दंगा-रोधी कंपनी में तीन प्लाटून होंगी और प्रत्येक प्लाटून में 47 कर्मी होंगे। इनमें आंसू गैस और लाठी दल, सशस्त्र बल, चालक तथा वायरलेस ऑपरेटर शामिल होंगे। प्रत्येक प्लाटून को दो वाहन- एक बस और एक ट्रक उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य को तीन श्रेणियों- ए, बी और सी में बांटा गया है तथा कुल 49 दंगा-रोधी कंपनियां गठित की जाएंगी। इनके लिए 294 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। पटना में तीन कंपनियां और 18 वाहन होंगे। गया, रोहतास, मुजफ्फरपुर, सारण, मोतिहारी, बेतिया, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, भागलपुर और बेगूसराय में दो-दो कंपनियां तथा 12-12 वाहन होंगे। श्रेणी बी के 21 जिलों में एक-एक कंपनी और छह-छह वाहन होंगे, जबकि श्रेणी सी के छह जिलों में एक प्लाटून और दो-दो वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। 

बयान के अनुसार, किसी दंगे या हिंसक स्थिति की सूचना मिलने पर जिला नियंत्रण कक्ष तत्काल इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को देगा और सुनिश्चित करेगा कि दंगा-रोधी बल को 20 मिनट के भीतर निर्धारित स्थान पर पहुंच जाए। बल मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय करेगा और स्थिति का लगातार आकलन कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रशिक्षण, उपकरण और कर्मियों के आवास की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, जबकि रेंज स्तर के पुलिस महानिरीक्षक और उपमहानिरीक्षक योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। 

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