Edited By Ramanjot, Updated: 01 May, 2026 01:12 PM

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बैठक कर सायरन और बिजली कटौती के समन्वय के निर्देश दिए हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में नागरिक सुरक्षा और प्रशासनिक तत्परता को परखना है। प्रशासन ने लोगों से पैनिक न होने की अपील की है।
Bihar Blackout Mock Drill: बिहार में नागरिक सुरक्षा (Civil Defence) और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए राज्य में मॉकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, मई के तीसरे सप्ताह में पटना सहित 6 जिलों में हवाई हमला (Air Raid) और ब्लैकआउट संबंधी मॉकड्रिल किया जाएगा।
तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा
इस संबंध में गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) को आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में पटना, किशनगंज, बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया और कटिहार के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान सचिव ने स्पष्ट किया कि नागरिक सुरक्षा नियमावली के अनुसार, वर्ष में कम से कम दो बार इस तरह के अर्द्धवार्षिक अभ्यास अनिवार्य हैं।
इन 6 जिलों में थमेगी रफ्तार
मॉकड्रिल के लिए बिहार के उन जिलों को चुना गया है जो सामरिक या औद्योगिक दृष्टि से संवेदनशील हैं जैसे- पटना, बेगूसराय, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और कटिहार। आपदा प्रबंधन विभाग ने निर्देश दिया है कि निर्धारित तिथि और समय पर पूरे शहर में एक साथ सायरन बजाए जाएंगे। चौक-चौराहों पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम, थानों और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का उपयोग किया जाएगा। ब्लैकआउट अभ्यास के लिए बिजली विभाग के साथ तालमेल बिठाने को कहा गया है ताकि अभ्यास के दौरान संबंधित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति नियंत्रित की जा सके। साथ ही अस्पतालों में खिड़कियों पर क्यूबिकल या प्राइवेसी पर्दे लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि हवाई हमले जैसी स्थिति में प्रकाश बाहर न जा सके।