हिंदू स्वाभिमान यात्रा के सवालों पर भड़के गिरिराज सिंह, कहा- "तेजस्वी-पीके ने यात्रा निकाली, तब किसी के पेट में दर्द नहीं हुआ"

Edited By Harman, Updated: 14 Oct, 2024 09:26 AM

giriraj singh got angry on questions about hindu swabhiman yatra

गिरिराज सिंह बिहार में हिंदुओं को संगठित करने के उद्देश्य से 18 अक्टूबर से 'हिंदू स्वाभिमान यात्रा' निकालने जा रहे हैं। वहीं इस यात्रा को लेकर विपक्ष द्वारा सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इन सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा तेजस्वी यादव...

पटना: गिरिराज सिंह बिहार में हिंदुओं को संगठित करने के उद्देश्य से 18 अक्टूबर से 'हिंदू स्वाभिमान यात्रा' निकालने जा रहे हैं। वहीं इस यात्रा को लेकर विपक्ष द्वारा सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इन सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर ने यात्रा निकाली तो किसी के भी पेट में दर्द नहीं हुआ। लेकिन वहीं जब हमने यात्रा निकालने की बात कही तो उस पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

"कुछ लोग हमारी बातों और उसके पीछे छिपे निहितार्थों को समझने का प्रयास नहीं कर रहे हैं"
 गिरिराज सिंह ने कहा, "तेजस्वी यादव ने यात्रा निकाली तो किसी के पेट में दर्द नहीं हुआ। प्रशांत किशोर ने यात्रा निकाली तो किसी के भी पेट में दर्द नहीं हुआ। उन लोगों ने तो वोट के लिए यात्रा निकाली थी। किसी ने मुसलमानों को जोड़ने की बात की, तो किसी ने अपना सियासी हित साधने का प्रयास किया, लेकिन हम तो इन बातों से परे हटकर लोगों को जोड़ने के मकसद से यात्रा निकाल कर रहे हैं। मगर, यह दुर्भाग्य की बात है कि कुछ लोग हमारी बातों और उसके पीछे छिपे निहितार्थों को समझने का प्रयास नहीं कर रहे हैं।"

"अगर हिंदू एकजुट नहीं हुए तो कट जाएंगे"
आगे गिरिराज सिंह ने कहा, "हमारी यात्रा का मुख्य मकसद हिंदुओं को एकजुट करना है। मैं कई बार इस बात पर बल दे चुका हूं कि अगर हिंदू एकजुट नहीं रहेंगे, तो उनके लिए आगे चलकर सियासी मोर्चे पर मुश्किलें पैदा हो जाएंगी। भारत के सनातनी के एक होने का समय आ चुका है। मैं फिर से कहता हूं कि अगर हिंदू एकजुट नहीं हुए तो कट जाएंगे।"

बता दें कि हिन्दू स्वाभिमान यात्रा 18 अक्टूबर को भागलपुर बूढ़ानाथ मंदिर से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के नेतृत्व में शंखनाद एवं पूजा हवन कर प्रारंभ होगी। यात्रा में 10,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। भागलपुर से शुरू होकर यात्रा पहले कटिहार, फिर पूर्णिया, अररिया और फिर किशनगंज में जाकर खत्म होगी। बांग्लादेश में हिन्दू बहन-बेटियों पर हुए अत्याचार के विरोध और कट्टरपंथियों के जरिए भविष्य में भारत में भी ऐसी गतिविधियों की आशंका को देखते हुए हिन्दू समाज को संगठित करने के उद्देश्य से यात्रा निकाली जा रही है।

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