भ्रष्टाचार के आरोप में इन 10 बड़े अफसरों पर गिरी गाज, राजस्व विभाग में मचा हड़कंप

Edited By Ramanjot, Updated: 19 Jun, 2026 04:45 PM

these 10 big officers were accused of corruption

डॉ. जायसवाल ने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा पद के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, पटना सिटी की भूमि सुधार उप समाहर्ता अभिलाषा सिन्हा पर दाखिल-खारिज अपील वाद के...

Bihar News: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। विभागीय मामलों की समीक्षा के क्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने शुक्रवार को 10 और अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई, आरोप तय करने तथा विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही को मंजूरी दी। 

डॉ. जायसवाल ने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा पद के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, पटना सिटी की भूमि सुधार उप समाहर्ता अभिलाषा सिन्हा पर दाखिल-खारिज अपील वाद के निष्पादन के एवज में बिचौलिये के माध्यम से 15 लाख रुपए रिश्वत लेने का आरोप है। इस मामले में उनके विरुद्ध आरोप तय करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग से उनके निलंबन की अनुशंसा की गई है। इसी प्रकार, हाजीपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी मुकुल कुमार झा के विरुद्ध थाने में दर्ज भ्रष्टाचार संबंधी मामले के आधार पर आरोप तय किया गया है। वहीं, औरंगाबाद के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी नीलकमल कुमार सिन्हा पर मुख्यालय के एक पदाधिकारी को ऑनलाइन माध्यम से रिश्वत देने का प्रयास करने के आरोप में अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया है। सीतामढ़ी जिले के रून्नीसैदपुर के राजस्व अधिकारी विश्वामित्र खरवार पर अभिलेखीय साक्ष्य के अभाव में आवेदन अस्वीकृत करने तथा अमीन के माध्यम से पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में आरोप तय किया गया है। 

यह भी पढ़ें- कॉलेजों में रात 8 बजे तक चलेंगी कक्षाएं, CM सम्राट चौधरी ने दिया सुझाव

किशनगंज सदर के अंचल अधिकारी राहुल कुमार पर दाखिल-खारिज मामलों को गलत तरीके से अस्वीकृत करने तथा भू-अभिलेखों की समुचित जांच किए बिना सरकारी भूमि को रैयती घोषित करने के आरोप लगाए गए हैं। उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है। पटना के संपतचक अंचल अधिकारी अमित कुमार पर दाखिल-खारिज मामलों में अनावश्यक आपत्तियां लगाने, भू-मापी प्रतिवेदन के लिए लोगों को बेवजह कार्यालय बुलाने तथा परिमार्जन आवेदनों के निष्पादन में देरी करने के आरोप में आरोप तय किया गया है। वहीं, मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी के तत्कालीन राजस्व अधिकारी धीरज कुमार के विरुद्ध विभागीय कार्यों में रुचि नहीं लेने, मुख्यालय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने तथा दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता बरतने के आरोप में विभागीय आरोप-पत्र को मंजूरी दी गई है। 

यह भी पढ़ें- SHO समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित, वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने की बड़ी कार्रवाई

सहरसा में पदस्थापना के दौरान अतिक्रमण वादों में नियमों के अनुरूप आदेश नहीं देने तथा गलत तथ्यों के आधार पर वरीय अधिकारियों को गुमराह करने के आरोप में वर्तमान में बांका में पदस्थापित अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रंजीत कुमार के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है। दाखिल-खारिज मामलों में अनियमितता के आरोप में समस्तीपुर की अंचल अधिकारी पुष्पलता कुमारी पर संचयी प्रभाव के बिना वेतनवृद्धि को रोकने का आरोप है। पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-1 की अंचल अधिकारी नर्मदा श्रीवास्तव पर दाखिल-खारिज वादों को लंबित रखने, सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाने तथा न्यायालय के आदेशों का अनुपालन नहीं करने सहित कई गंभीर आरोपों में आरोप तय किया गया है।

डॉ. जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ 'बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने' की नीति के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता के हितों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अपने पद का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!