पद से हटाए जाने के बाद PMCH के पूर्व प्राचार्य ने दिया इस्तीफा, स्वास्थ्य विभाग पर उठाए सवाल

Edited By Ramanjot, Updated: 26 Jun, 2026 06:51 PM

former pmch principal resigns after being removed from the post

अपने ऊपर 'निजी प्रैक्टिस' करने और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोपों पर सफाई देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि हाल में वह एक दुर्घटना में झुलस गए थे, जिसकी जानकारी और तस्वीरें उन्होंने स्वास्थ्य सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी थीं।

पटना: बिहार के पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (PMCH) के प्राचार्य पद से हटाए जाने के बाद डॉ. एनपी सिंह ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को एकतरफा और 'तानाशाहीपूर्ण' बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। 

डॉ. सिंह ने शुक्रवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना ही पद से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 1988 से पीएमसीएच से जुड़े हुए हैं और इतने लंबे सेवाकाल के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने उनसे कोई स्पष्टीकरण नहीं मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली वरिष्ठ चिकित्सकों के सम्मान के अनुरूप नहीं है। डॉ. सिंह ने दावा किया कि कुछ लोग उनके खिलाफ साक्ष्य गढ़ने का प्रयास कर रहे हैं और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उनकी बात सुनने से बच रहे हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य सचिव से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। 

निजी प्रैक्टिस के आरोपों पर डॉ. एनपी सिंह की सफाई 

अपने ऊपर 'निजी प्रैक्टिस' करने और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोपों पर सफाई देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि हाल में वह एक दुर्घटना में झुलस गए थे, जिसकी जानकारी और तस्वीरें उन्होंने स्वास्थ्य सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी थीं। उन्होंने कहा कि दुर्घटना की पूर्व सूचना देना संभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि उनका घर और क्लिनिक एक ही परिसर में है। यदि आसपास के मरीज इलाज के लिए उनके घर पहुंचते हैं तो चिकित्सक होने के नाते उनका उपचार करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी जानकारी दे दी थी। 

"बिना पक्ष सुने की गई कार्रवाई, हो निष्पक्ष जांच" 

डॉ. सिंह ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उनके लिए काम करना संभव नहीं रह गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने तथा तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि कारण बताओ नोटिस जारी किए बिना उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा की जानी चाहिए। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में डॉ. एनपी सिंह को पीएमसीएच के प्राचार्य पद से हटाते हुए उनके खिलाफ ड्यूटी से अनुपस्थित रहने, प्रशासनिक लापरवाही समेत अन्य आरोपों का हवाला दिया था। 

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