Edited By Khushi, Updated: 08 Feb, 2026 03:05 PM

Dhanbad News: धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में शनिवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के कार्यालय में अचानक आग लग गई। आग से कार्यालय में रखा जरूरी कागजात जल गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत...
Dhanbad News: धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में शनिवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के कार्यालय में अचानक आग लग गई। आग से कार्यालय में रखा जरूरी कागजात जल गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा
धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के कार्यालय में शनिवार की शाम अचानक आग लग गई। कार्यालय से धुआं उठता देख सुरक्षा कर्मियों और अस्पताल कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। घटना के समय कार्यालय बंद था और बाहर ताला लगा हुआ था। धुआं निकलता देख तुरंत शोर मचाया गया और ताला तोड़कर दरवाजा खोला गया। अंदर घना धुआं फैला हुआ था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों ने सबसे पहले बिजली का कनेक्शन काटा। इसके बाद कार्यालय में प्रवेश कर आग पर काबू पाया गया। समय रहते आग बुझा ली गई, लेकिन तब तक विभाग की कई महत्वपूर्ण फाइलें जलकर नष्ट हो चुकी थीं। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
धुएं के कारण अफरातफरी का माहौल
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल अधीक्षक डॉ. डी.के. गिंदोरिया, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राजलक्ष्मी तुबिद, वरीय अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुमन समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधीक्षक ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए बिजली सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। आग का धुआं पास के वार्डों तक पहुंच गया, जिससे वहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। धुएं के कारण कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया और कई लोग अपने मरीजों को लेकर बाहर निकल आए। हालांकि अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों की तत्परता से जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया और हालात सामान्य होने के बाद मरीजों को दोबारा वार्डों में भेज दिया गया।