Edited By Khushi, Updated: 30 Jan, 2026 06:46 PM

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। देर रात माता-पिता ने अपनी 10 साल की मासूम बच्ची को मानसिक स्वास्थ्य संस्थान रिनपास के बाहर छोड़ दिया और वहां से फरार हो गए। बच्ची डरी हुई हालत में मिली। सूचना मिलते ही...
Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। देर रात माता-पिता ने अपनी 10 साल की मासूम बच्ची को मानसिक स्वास्थ्य संस्थान रिनपास के बाहर छोड़ दिया और वहां से फरार हो गए। बच्ची डरी हुई हालत में मिली। सूचना मिलते ही प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण ने तुरंत कार्रवाई कर बच्ची को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
बच्ची को तुरंत एक धर्मशाला में सुरक्षित रखा गया
जानकारी के अनुसार, यह घटना रात करीब 11 बजे की है। बच्ची को उसके माता-पिता रिनपास अस्पताल के मुख्य गेट के पास छोड़कर चले गए। बच्ची अकेली और डरी-सहमी हालत में वहां खड़ी थी। आसपास के लोगों ने जब बच्ची को देखा तो मामले की सूचना तुरंत अधिकारियों को दी। घटना की जानकारी मिलते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) हरकत में आया। झालसा के निर्देश पर डालसा सचिव राकेश रोशन ने खुद मामले में दखल दिया। पीएलवी भारती शाहदेव ने फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।
डालसा सचिव ने पीएलवी भारती शाहदेव और दीपक मुंडा को बच्ची की देखरेख की जिम्मेदारी दी। बच्ची को तुरंत एक धर्मशाला में सुरक्षित रखा गया, ताकि उसे किसी तरह की परेशानी न हो। चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (डीसीपीओ) और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को भी इसकी जानकारी दी गई। सिविल कोर्ट की एंबुलेंस और चाइल्ड हेल्पलाइन टीम की मदद से बच्ची को सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया गया। बच्ची की हालत को देखते हुए सीडब्ल्यूसी ने उसे सुरक्षित शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया। फिलहाल बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी देखभाल की जा रही है।
डालसा ने आम लोगों से की अपील
डालसा सचिव राकेश रोशन ने रिनपास के निदेशक से सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि बच्ची को छोड़ने वाले माता-पिता की पहचान हो सके। इस मामले की जानकारी कांके थाना प्रभारी को भी दी गई है, जिससे आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके। डालसा की ओर से आम लोगों से अपील की गई है कि अगर कहीं भी कोई लावारिस, असहाय या संकट में बच्चा दिखाई दे, तो तुरंत नालसा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 15100 पर सूचना दें या नजदीकी डालसा कार्यालय से संपर्क करें। समय पर दी गई सूचना किसी बच्चे की जिंदगी बचा सकती है।