Edited By Khushi, Updated: 08 Jan, 2026 11:49 AM

Jharkhand News: झारखंड के रांची-लोहरदगा रेल खंड पर कोयल नदी स्थित रेलवे ब्रिज संख्या 115 में पिलर संख्या चार और पांच में दरार आने के बाद प्रभावित रेल सेवा के बीच रेलवे ने यात्रियों को राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया है।
Jharkhand News: झारखंड के रांची-लोहरदगा रेल खंड पर कोयल नदी स्थित रेलवे ब्रिज संख्या 115 में पिलर संख्या चार और पांच में दरार आने के बाद प्रभावित रेल सेवा के बीच रेलवे ने यात्रियों को राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। बीते बुधवार से इरगांव तक मेमू पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया गया, जिससे लंबे समय से परेशान यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
इरगांव से लोहरदगा तक फ्री बस सेवा भी शुरू
बीते बुधवार सुबह 9:55 बजे रांची से रवाना हुई मेमू पैसेंजर ट्रेन इरगांव स्टेशन पहुंची। पहले ही दिन लगभग 300 यात्रियों ने इस ट्रेन से सफर किया। इरगांव स्टेशन पर रेलवे की सीनियर डीसीएम सूची सिंह कमर्शियल स्टाफ के साथ मौजूद रहीं और यात्रियों की सुविधाओं व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। ब्रिज में दरार आने के बाद लोहरदगा तक रेल परिचालन बंद होने से यात्रियों को बसों और निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा था। इससे न केवल यात्रा में अतिरिक्त समय लग रहा था, बल्कि खर्च भी बढ़ गया था। इरगांव तक रेल सेवा शुरू होने से अब यात्रियों को दोबारा रेल यात्रा का भरोसा मिला है। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लोहरदगा से इरगांव गांव और इरगांव से लोहरदगा तक पायलट प्रोजेक्ट के तहत फ्री बस सेवा भी शुरू की है। इससे ट्रेन और सड़क परिवहन के बीच बेहतर समन्वय बना है। दूर-दराज के इलाकों से आने वाले यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में अब किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। इस व्यवस्था से छात्रों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को विशेष लाभ मिल रहा है। रेल सेवा बहाल होने का सकारात्मक असर स्थानीय ऑटो चालकों पर भी पड़ा है।
यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से ऑटो चालकों के चेहरे खिल उठे
लोहरदगा से इरगांव के बीच दो दर्जन से अधिक ऑटो चलते नजर आए। यात्री संख्या कम होने के कारण ऑटो चालकों की आमदनी प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से उनके चेहरे खिल उठे हैं। मेमू पैसेंजर के संचालन के दौरान रेलवे ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। रांची से नगजुआ तक ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाई गई, जबकि नगजुआ से इरगांव के बीच एहतियातन गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई। पूरे परिचालन के दौरान कमर्शियल टीम और अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्र ने तकनीकी टीम के साथ रेलवे ब्रिज का निरीक्षण किया था। उन्होंने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था जल्द लागू करने की घोषणा की थी। इरगांव तक मेमू पैसेंजर का संचालन उसी घोषणा का प्रत्यक्ष परिणाम है। क्षेत्रवासियों को अब उम्मीद है कि ब्रिज की मरम्मत पूरी होने के बाद लोहरदगा तक नियमित रेल सेवा भी जल्द बहाल होगी।