Edited By Khushi, Updated: 07 Jan, 2026 06:18 PM

रांची: झारखंड की राजधानी रांची सहित राज्य की विभिन्न जेलों में अब कैदियों के परिजनों के लिए ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा शुरू कर दी गई है। जेलों में नकद लेन-देन से जुड़े भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह नई पहल की गई है।
रांची: झारखंड की राजधानी रांची सहित राज्य की विभिन्न जेलों में अब कैदियों के परिजनों के लिए ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा शुरू कर दी गई है। जेलों में नकद लेन-देन से जुड़े भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह नई पहल की गई है।
इस संबंध में आवश्यक बैंक विवरण जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध करा दिए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब कैदियों के परिजन घर बैठे ही उन्हें पैसा भेज सकेंगे। इससे न तो उन्हें जेल प्रशासन को किसी तरह की रिश्वत देनी पड़ेगी और न ही घंटों तक मुलाकाती गेट पर इंतजार करना होगा। यह व्यवस्था राज्य की सभी प्रमुख जेलों में लागू कर दी गई है। जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने बताया कि सभी कैदियों के लिए डिजिटल अकाउंट खोले जा रहे हैं। फिलहाल एक्सिस बैंक के सहयोग से ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा शुरू की गई है। कैदियों के परिजन और परिचित जेल कैंटीन से जुड़े इस अकाउंट में घर बैठे पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे। इन पैसों से कैदी जेल की कैंटीन से अपनी जरूरत का सामान खरीद सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत जेल की कैंटीन में कैदियों का एक डिजिटल अकाउंट बनाया गया है, जिसके माध्यम से साबुन, तेल, टूथपेस्ट, बिस्किट, नमकीन सहित अन्य जरूरी सामान खरीदा जा सकेगा। इससे पहले यह प्रक्रिया पूरी तरह नकद लेन-देन पर आधारित थी, जिसमें पारदर्शिता की कमी के कारण अक्सर गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती थीं।
आपदा प्रबंधन एवं कारा विभाग की ओर से शुरू की गई इस पहल के तहत एक्सिस बैंक के साथ खाते खोलने को लेकर समझौता किया गया है। इसके अंतर्गत आवश्यक उपकरण जेल परिसरों में इंस्टॉल किए गए हैं। बैंक को इस सेवा के एवज में विभाग की ओर से निर्धारित राशि का भुगतान किया जा रहा है। जेल प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से न केवल कैदियों को समय पर जरूरी सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि कैश लेन-देन कम होने से हिसाब-किताब अधिक पारदर्शी होगा। साथ ही, किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका समाप्त होने से शोषण की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।