Edited By Khushi, Updated: 04 Apr, 2026 02:54 PM

Jharkhand News: झारखंड के धनबाद जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में दवा की किल्लत तो आम बात बन गई है, लेकिन वहीं सफाई के नाम पर सरकार हर महीने करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। अस्पताल में सफाई की स्थिति इतनी खराब है कि इसे देखकर मरीज और उनके परिजन भी...
Jharkhand News: झारखंड के धनबाद जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में दवा की किल्लत तो आम बात बन गई है, लेकिन वहीं सफाई के नाम पर सरकार हर महीने करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। अस्पताल में सफाई की स्थिति इतनी खराब है कि इसे देखकर मरीज और उनके परिजन भी परेशान हो जाते हैं।
आईसीयू और एचडीयू के पास गंदगी का भयानक हाल
आईसीयू और एचडीयू के पास शौचालय पिछले एक साल से टूटा हुआ है। यहां से मल-मूत्र सीधे जमीन पर गिर रहा है, पाइप लाइन कई जगह से टूट चुकी है। मरम्मत और सफाई की जगह आउटसोर्स एजेंसी ने नया तरीका निकाल लिया है। उन्होंने गंदगी को ढककर छिपा दिया है, लेकिन असली समस्या जस की तस बनी हुई है। टूटी पाइप से गंदगी लगातार आईसीयू और एचडीयू के पास गिर रही है। इससे इन वार्डों में भर्ती मरीजों को संक्रमण का खतरा बना रहता है। साथ ही, उसी रास्ते से इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भी भारी दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है।
सफाई पर हर महीने 20 लाख रुपए खर्च
एसएनएमएमसीएच में सफाई का काम आउटसोर्स एजेंसी के जरिए किया जाता है। हर महीने सरकार इसके लिए 20 लाख रुपए खर्च करती है, लेकिन अस्पताल के ओपीडी, सर्जरी, स्त्री रोग, प्रसूति और मेडिसिन विभाग के शौचालयों की हालत बदबू और गंदगी से भरी हुई है। कई जगह बिना तौलिया या रूमाल के शौचालय में जाना भी मुश्किल है। हालांकि अस्पताल प्रशासन और एजेंसी साफ-सफाई का दावा करती है, लेकिन जमीन पर हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं।