झारखंड में नक्सलियों पर बड़ी कार्रवाई: 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर मृत्युंजय भुइयां समेत दो गिरफ्तार

Edited By SHUKDEV PRASAD, Updated: 14 Mar, 2026 10:01 PM

jharkhand naxal news

झारखंड के लातेहार जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के एक कुख्यात जोनल कमांडर और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है।

रांची: झारखंड के लातेहार जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के एक कुख्यात जोनल कमांडर और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए नक्सलियों में मृत्युंजय भुइयां, जिस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था, और बबलू राम, जिस पर 2 लाख रुपये का इनाम था, शामिल हैं। इस कार्रवाई को क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई

लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव को खुफिया जानकारी मिली थी कि माओवादी जोनल कमांडर मृत्युंजय भुइयां अपने साथियों के साथ छिपादोहर थाना क्षेत्र के हरिणामाड़ गांव के आसपास पहुंचने वाला है। सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने इलाके में घेराबंदी कर अभियान चलाया। इसी दौरान मृत्युंजय भुइयां और उसके सहयोगी बबलू राम को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, उनके दस्ते के तीन अन्य सदस्य मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश के लिए अभियान जारी है।

हथियार और नकदी बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार नक्सलियों के पास से एक AK-47 राइफल, 21 जिंदा कारतूस और लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृत्युंजय भुइयां पिछले करीब दो दशकों से माओवादी संगठन में सक्रिय था और उसे क्षेत्र के घने जंगलों की पूरी जानकारी थी। इसी वजह से वह लंबे समय तक सुरक्षाबलों की गिरफ्त से बचता रहा।

कई बड़े हमलों में रहा शामिल

मृत्युंजय भुइयां के खिलाफ झारखंड के विभिन्न जिलों में 104 नक्सली हिंसा के मामले दर्ज हैं। इनमें कई गंभीर हमले शामिल हैं जिनमें बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे।

कुछ प्रमुख घटनाएं जिनसे उसका नाम जुड़ा रहा:

  • 2011: तत्कालीन सांसद इंदर सिंह नामधारी के काफिले पर हमला, 11 जवान शहीद
  • 2012–13: गढ़वा के भंडरिया थाना पर हमला, थाना प्रभारी समेत 13 जवान शहीद
  • 2013: लातेहार के बरवाडीह में मुठभेड़, CRPF के 14 जवान शहीद
  • 2017–18: गढ़वा के पोलपोल क्षेत्र में हमला, 6 पुलिसकर्मी शहीद
  • इन घटनाओं में मृत्युंजय की अहम भूमिका बताई जाती रही है।

पुलिस टीम की अहम भूमिका

इस अभियान को सफल बनाने में कई पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें छिपादोहर थाना प्रभारी यकीन अंसारी, गारू थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा, शशि कुमार, मनोज कुमार, प्रभात दास, अभिषेक कुमार, सब-इंस्पेक्टर किशोर मुंडा और इंद्रजीत तिवारी सहित अन्य जवान शामिल थे। एसपी कुमार गौरव ने कहा कि क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा और राज्य में शांति व सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
 

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