शिवरात्रि पर बाबा धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, भक्त घंटों लाइन में खड़े होकर कर रहे दर्शन, जुबान पर बस एक नाम- 'हर-हर महादेव'

Edited By Khushi, Updated: 15 Feb, 2026 05:18 PM

a sea of devotees gathered at baba dham on shivratri with devotees waiting in

Jharkhand News: देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज रहा है और पूरा वातावरण...

Jharkhand News: देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज रहा है और पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

रात 12 बजे से ही लग गई कतार
महाशिवरात्रि के मौके पर श्रद्धालु रात 12 बजे से ही मंदिर के बाहर लाइन में लगने लगे थे। सुबह 4 बजे आम भक्तों के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। इसके बाद से लगातार दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी है। मंदिर प्रशासन के अनुसार रात 9 बजे तक आम श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सकेंगे। भारी भीड़ के बावजूद भक्तों में उत्साह कम नहीं दिखा। कई लोग घंटों इंतजार करने के बाद भी खुशी-खुशी बाबा के दर्शन करते नजर आए।

दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु
बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से श्रद्धालु देवघर पहुंचे हैं। पटना से आए केसव तिवारी ने बताया कि वह पिछले 13 सालों से महाशिवरात्रि पर यहां आ रहे हैं। उनका कहना है कि इस दिन बाबा का स्पर्श पूजन करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि वह 11 घंटे तक लाइन में खड़े रहे, लेकिन बाबा के दर्शन के बाद सारी थकान दूर हो गई। उनका विश्वास है कि बाबा की कृपा से उनकी हर मनोकामना पूरी हुई है।

रात 10 बजे से शुरू होगी विशेष पूजा
महाशिवरात्रि पर देवघर में खास आयोजन किया गया है। रात 10 बजे से चार पहर की विशेष पूजा शुरू होगी, जो सुबह 3 बजे तक चलेगी। इसके बाद भगवान शिव का विवाह उत्सव मनाया जाएगा। षोडशोपचार विधि से बाबा की पूजा होगी। दूध, दही, घी, फल, मेवा, चंदन, गंगाजल, बेलपत्र और भांग सहित कई पवित्र सामग्री अर्पित की जाएगी। बाबा को नए वस्त्र पहनाए जाएंगे और दूल्हे की तरह सजाया जाएगा। माता पार्वती का भी भव्य श्रृंगार किया जाएगा।

मोर मुकुट चढ़ाने की परंपरा
महाशिवरात्रि के दिन बाबा के पंचशूल पर मोर मुकुट चढ़ाने की विशेष परंपरा है। मान्यता है कि जिनका विवाह नहीं हो पा रहा है, वे मोर मुकुट अर्पित करते हैं तो उनकी मनोकामना पूरी होती है। इस आस्था के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे हैं। देवों की नगरी देवघर में महाशिवरात्रि का यह पर्व श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का अद्भुत संगम बन गया है।

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