JSSC CGL Exam: लाठीचार्ज के विरोध में सड़कों पर उतरे JSSC CGL के छात्र,  देवेंद्र नाथ महतो ने निकाला कैंडल मार्च

Edited By Harman, Updated: 12 Dec, 2024 09:16 AM

jssc cgl students took to the streets in protest against lathicharge

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा संचालित सीजीएल परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो गया है। विरोध में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। मंगलवार को प्रशासन द्वारा हजारीबाग के आंदोलनरत छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज  का झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन...

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा संचालित सीजीएल परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो गया है। विरोध में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। मंगलवार को प्रशासन द्वारा हजारीबाग के आंदोलनरत छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज  का झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन ने विरोध किया। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के वरीय उपाध्यक्ष सह छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बुधवार शाम को सरकार और प्रशासन के खिलाफ कैंडल मार्च निकाला। यह संध्याकालीन कैंडल मार्च जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाला गया। 

बता दें कि विरोध प्रदर्शन के दौरान शहिद अल्बर्ट एक्का रांची में बड़ी संख्या में छात्र एवं अभिभावक मौजूद रहे। अभ्यर्थियों ने जमकर जेएसएससी आयोग और राज्य सरकार विरोधी नारे लगाए। आक्रोशित छात्र जेएसएससी सीजीएल परीक्षाफल रद्द करना होगा, झारखंड सरकार हाय-हाय, सेटिंग गेटिंग नाय चलतो और सरकार विरोधी नारे जम कर लगे। घंटो तक सड़कों में जाम लगा रहा। कैंडल मार्च के दौरान देवेंद्र नाथ महतो, चंदन रजक,खगेन महतो, हर्षित सिंह,  कर्मु मुंडा, लक्ष्मी कुमारी,रवी मंडल, विजय, प्रभु, विष्णु आदि हजारों की संख्या में अभ्यर्थी, कोचिंग संचालक शिक्षक एवं अभिभावकगण उपस्थित  रहे। 

मौके पर लाठी चार्ज का कड़ी निंदा करते हुए छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने दोषी अधिकारियों पर करवाई करने का मांग किया। साथ ही  सीजीएल परीक्षाफल पर धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि कट-ऑफ अंक जारी नही कर सिधे चयनित छात्रों का सुची जारी करना सेटिंग-गेटिंग साबित होता है। पहले दिन के इस परीक्षा में लगभग मात्र 82 छात्रों का ही सिलेक्शन हुआ जबकि दूसरे दिन 22 सितम्बर को हुए परीक्षा में लगभग 2149 छात्रों का सिलेक्शन हुआ है जो कि एक गंभीर जांच का विषय है। छात्रों का भविष्य का ख्याल रखते हुए तत्काल डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन पर रोका लगाया जाय एवं इस विवादित परीक्षाफल को रद्द कर पुनः प्रदर्शिता के साथ परीक्षा का आयोजन होनी चाहिए। 
 

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