Edited By Khushi, Updated: 02 Mar, 2026 01:13 PM

Jharkhand News: मध्य-पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत के परिवारों पर भी दिखने लगा है। ईरान की राजधानी तेहरान में पढ़ाई कर रहे पलामू जिले के तीन छात्र वहां फंसे हुए हैं। इधर, झारखंड के हुसैनाबाद में ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद...
Jharkhand News: मध्य-पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत के परिवारों पर भी दिखने लगा है। ईरान की राजधानी तेहरान में पढ़ाई कर रहे पलामू जिले के तीन छात्र वहां फंसे हुए हैं। इधर, झारखंड के हुसैनाबाद में ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली खामेनई की कथित हत्या के विरोध में कैंडल मार्च निकाला गया।

तेहरान में फंसे पलामू के तीन छात्र, परिजन चिंतित
पलामू जिला के हुसैनाबाद नगर पंचायत क्षेत्र के सैयद टोली मोहल्ला के तीन छात्र—सैयद जिशान हुसैन, सैयद सलमान हुसैन और जिशान हुसैन—तेहरान में हायर एजुकेशन के लिए गए हुए हैं। ईरान-इजराइल के बीच जारी संघर्ष के कारण वहां हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। बच्चों के विदेश में फंसे होने से उनके परिवार काफी चिंतित हैं। परिजनों ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि उनके बच्चों को सुरक्षित भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाए।
हुसैनाबाद में कैंडल मार्च, विरोध प्रदर्शन
इसी बीच रविवार रात करीब 8 बजे हुसैनाबाद शहरी क्षेत्र में मुस्लिम समाज के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च सदर इमामबाड़ा से शुरू होकर मुख्य बाजार, गांधी चौक, अंबेडकर चौक होते हुए जेपी चौक पहुंचा, जहां शोक सभा आयोजित की गई। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अब समय आ गया है कि दुनिया दमनकारी ताकतों के खिलाफ एकजुट हो। उन्होंने कहा कि खामेनई की शहादत से ईरान का मनोबल कमजोर नहीं होगा और अंततः ईरान की जीत होगी। साथ ही उन्होंने फिलिस्तीन की आजादी की भी मांग की। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन सतर्क है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।