बिहार के 173 वरिष्ठ कलाकारों को मिली 'पेंशन की सौगात', मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना के तहत राशि स्वीकृत

Edited By Ramanjot, Updated: 20 Feb, 2026 06:32 PM

173 senior artists of bihar received the gift of pension

कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से संचालित इस योजना का उद्देश्य जीवन भर लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं को समर्पित कलाकारों को सम्मानजनक जीवनयापन करने के लिए आर्थिक सहयोग देना है।इस माह जिन कलाकारों को पेंशन स्वीकृत की गई है, उनमें मधुबनी जिले के 54,...

Bihar News: बिहार सरकार की ‘मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना' के तहत राज्य के विभिन्न जिलों के कुल 173 वरिष्ठ और आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों को फरवरी माह की पेंशन राशि की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 

कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से संचालित इस योजना का उद्देश्य जीवन भर लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं को समर्पित कलाकारों को सम्मानजनक जीवनयापन करने के लिए आर्थिक सहयोग देना है। इस माह जिन कलाकारों को पेंशन स्वीकृत की गई है, उनमें मधुबनी जिले के 54, पटना जिले के 35, बेगूसराय के 25, मुजफ्फरपुर के 15, वैशाली के 12, समस्तीपुर के 11, भागलपुर के 09, औरंगाबाद के 06, नवादा के 04 तथा भोजपुर (आरा) के 02 कलाकार शामिल हैं। 

ये सभी कलाकार लोकगायन, लोकनृत्य, वाद्य, नाट्य एवं पारंपरिक कला की विभिन्न विधाओं से जुड़े रहे हैं और दशकों से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में योगदान देते आए हैं। ‘मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना'के तहत 50 वर्ष से अधिक आयु तथा कला क्षेत्र में कम से कम 10 वर्षों का योगदान देने वाले पात्र कलाकारों को प्रतिमाह 3000 रुपये की पेंशन सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य में कलाकारों के लिए इस प्रकार की यह पहली समर्पित सामाजिक सुरक्षा योजना मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य उपेक्षित और वृद्ध कलाकारों को आर्थिक संबल देना है। 

पटना की वरिष्ठ लोकगायिका मृदुला वर्मा ने बताया कि वे पिछले 35 वर्षों से सरकारी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति देती रही हैं और वर्ष 1996 से कला एवं संस्कृति विभाग से जुड़ी हैं। उन्होंने आकाशवाणी और दूरदर्शन जैसे मंचों पर मगही, मैथिली, वज्जिका और भोजपुरी भाषाओं में गीत प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने योजना के लिए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 'हम जैसे पुराने कलाकारों के बारे में सरकार सोच रही है, यह हमारे लिए बहुत बड़ा सम्मान है।' वहीं भोजपुरी लोकगायिका नीलम सिन्हा ने कहा कि वे भोजपुरी, सूफी, मैथिली और भजन विधा में गायन करती हैं तथा कला एवं संस्कृति, पर्यटन और शिक्षा विभाग के साथ-साथ जिला एवं राज्यस्तरीय महोत्सवों में नियमित प्रस्तुति देती रही हैं। उन्होंने कहा कि 'हर महीने मिलने वाली 3000 रुपये की पेंशन से हमें आत्मनिर्भरता और सम्मान का एहसास होगा। कलाकारों के लिए यह प्रोत्साहन अत्यंत महत्वपूर्ण है।' 

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