बिहार में पशुपालकों की बढ़ेगी आमदनी, मिलेंगे दूध के  उचित दाम ; जानें सीएम नीतीश का 'मिशन डेयरी'

Edited By Harman, Updated: 07 Feb, 2026 11:26 AM

milk production committees will be formed in every village of bihar nitish kumar

Nitish Kumar : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि 'सात निश्चय-3' के तीसरे निश्चय 'कृषि में प्रगति-प्रदेश में समृद्धि' के तहत डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादन समिति के गठन का निर्णय लिया...

Nitish Kumar : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कहा कि 'सात निश्चय-3' के तीसरे निश्चय 'कृषि में प्रगति-प्रदेश में समृद्धि' के तहत डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादन समिति के गठन का निर्णय लिया गया है, ताकि पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य मिल सके।

"हर गांव में दुग्ध समिति का होगा गठन"

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कुल 39,073 गांवों में से 25,593 गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन किया जा चुका है। शेष सभी गांवों में अगले दो वर्षों के भीतर समितियों का गठन करने का निर्देश पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग को दिया गया है। इससे पशुपालकों की आमदनी बढ़ेगी और राज्य में दूध की उपलब्धता में भी वृद्धि होगी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि 'सात निश्चय-2' के तहत राज्य के सभी प्रखंडों में सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। अब 'सात निश्चय-3' के अंतर्गत राज्य की सभी पंचायतों में भी सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। 

 

"सभी पंचायतों में खुलेंगे सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र"

नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य की कुल 8,053 पंचायतों में से अभी तक 100 पंचायतों में सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र स्थापित हो चुके हैं। शेष 7,953 पंचायतों में वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक केंद्र खोलने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में खुलने वाले नए सुधा दुग्ध बिक्री केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से लाभान्वित जीविका दीदियों को आवंटित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

डेयरी व्यवसाय से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में डेयरी व्यवसाय के विस्तार से ग्रामीण इलाकों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और लोगों की आमदनी बढ़ेगी। साथ ही दूध और दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और राज्यवासियों के जीवन में समृद्धि आएगी। 

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