Chhath Puja 2025: छठ महापर्व पर व्रतियों के लिए एप और वेबसाइट लॉन्च, मिलेगी हर चीज की जानकारी; जानें खतरे में है कौन से घाट

Edited By Harman, Updated: 27 Oct, 2025 11:56 AM

app and website launched for devotees on chhath festival

Chhath Puja 2025: पटना जिला प्रशासन ने छठ महापर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ‘छठ पूजा पटना' ऐप और www.chhathpujapatna.in वेबसाइट लॉन्च की है। इस ऐप पर घाटों की जानकारी, पार्किंग जीपीएस नेविगेशन और सुरक्षा संबंधी सूचनाएं उपलब्ध हैं। इस वेबसाइट...

Chhath Puja 2025: पटना जिला प्रशासन ने छठ महापर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ‘छठ पूजा पटना' ऐप और www.chhathpujapatna.in वेबसाइट लॉन्च की है। इस ऐप पर घाटों की जानकारी, पार्किंग जीपीएस नेविगेशन और सुरक्षा संबंधी सूचनाएं उपलब्ध हैं। इस वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से छठ पूजा घाटों से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई हैं। 

मिलेगी  सुरक्षा, नेविगेशन और स्वास्थ्य सुविधा

‘छठ पूजा पटना' ऐप और वेबसाइट के जरिए उपयोगकर्ता घाटों एवं पार्किंग स्थलों की सूची, जीपीएस नेविगेशन के जरिए घाट तक पहुंचने की सुविधा, खतरनाक एवं अनुपयोगी घाटों की जानकारी, तालाबों की सूची, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पदाधिकारियों के संपर्क नंबर, साथ ही शिकायत एवं सुझाव देने का विकल्प प्राप्त कर सकते हैं। राजधानी के गंगा घाटों पर स्वास्थ्य विभाग चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएगा। घाटों पर अस्थायी कैंप के अलावा एम्बुलेंस, दवा और मेडिकल टीम की तैनाती होगी। प्रत्येक घाट पर गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति की गई है। निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति के लिए प्रत्येक घाट पर विद्युत अभियंताओं के नेतृत्व में विद्युत कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके साथ नाविक, गोताखोर घाटों पर तैनात रहेंगे। घाट तक आने-जाने वाले रास्तों पर रोशनी की व्यवस्था, साउंड सिस्टम और सजावट की बेहतर व्यवस्था की गई है।  

इन छह घाटों पर पूर्ण प्रतिबंध

पटना में प्रशासन ने छह घाटों को खतरनाक घोषित किया है। इन घाटों पर श्रद्धालुओं और आम लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। खतरनाक घोषित किए गए घाटों में पहलवान घाट, बांस घाट, राजापुर पुल घाट, कंटाही घाट, बुद्धा घाट और नया पंचमुखी चौराहा घाट शामिल हैं। 

गौरतलब है कि छठ महापर्व के चार दिवसीय अनुष्ठान के दूसरे दिन कल व्रतियों ने निष्ठा और पवित्रता के साथ भगवान भाष्कर की पूजा-अर्चना करके खरना किया। भगवान भाष्कर को गुड़ मिश्रित खीर और घी की रोटी का भोग लगाकर स्वयं भी ग्रहण किया। साथ ही भाई-बंधु, मित्र और परिचितों में खरना प्रसाद बांटा। आज अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा। कल उदयीमान सूर्य को अर्घ्य के बाद पारण के साथ महापर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान पूरा हो जाएगा।
 

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