Edited By Ramanjot, Updated: 16 Jan, 2026 10:36 AM

Bihar News: न्यायाधीश ने अर्थ दंड की राशि का भुगतान पीड़िता को करने का आदेश दिया है। यदि अभियुक्त अर्थ दंड की राशि नहीं जमा करता है तो उसे छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा न्यायाधीश ने पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत...
Bihar News: बिहार के पश्चिमी चम्पारण जिले में एक नाबालिग मूक बधिर बच्ची से दुष्कर्म करने के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई है। बच्चों के लैंगिक अपराध से संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने गुरुवार को नामजद अभियुक्त कमलेश कुमार को दोषी पाते हुए उसे 14 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है और साथ में चालीस हजार रुपए अर्थ दंड भी लगाया है।
न्यायाधीश ने अर्थ दंड की राशि का भुगतान पीड़िता को करने का आदेश दिया है। यदि अभियुक्त अर्थ दंड की राशि नहीं जमा करता है तो उसे छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा न्यायाधीश ने पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत तीन लाख रुपए की सहायता राशि देने का भी आदेश दिया है। सजायाफ्ता कमलेश कुमार गौनाहा थाने के बेलवा बुहअरी गांव का रहने वाला है।
रेप एंड पोक्सो एक्ट के अनन्य विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि घटना 21 अक्टूबर वर्ष 23 की है। गांव में एक मुख बधिर नाबालिग बकरी चराने खेत में गई थी। इसी दौरान अभियुक्त कमलेश कुमार ने उसको जबरदस्ती पकड़ उसके साथ दुष्कर्म किया। इस संबंध में पीड़िता के मां ने गौनहा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के माध्यम से पूरी करते हुए विशेष न्यायाधीश ने यह सजा सुनाई है।