डिप्टी सीएम और SDM के नाम पर उठाए गैस सिलेंडर, मच गया हड़कंप

Edited By Harman, Updated: 13 Mar, 2026 04:32 PM

bihar patna gas cylinders lifted in the name of deputy cm and sdm

Bihar News : बिहार की पटना से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां कुछ लोगों ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पटना सदर एसडीएम के नाम का सहारा लेकर इंडेन गैस एजेंसी से अवैध रूप से सिलेंडर हासिल कर लिए।

Bihar News : बिहार की पटना से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां कुछ लोगों ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पटना सदर एसडीएम के नाम का सहारा लेकर इंडेन गैस एजेंसी से अवैध रूप से सिलेंडर हासिल कर लिए। मामला तब खुला जब इंडेन गैस एजेंसी के संचालक से प्रशासन ने पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक, जालसाज ने खुद को बड़े अधिकारियों का करीबी बताते हुए एजेंसी पर दबाव बनाया। शुरुआत में आरोपी ने 15 गैस सिलेंडरों की मांग की थी। हालांकि, एजेंसी संचालक ने सावधानी बरतते हुए केवल 4 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए।

प्रशासनिक जांच में बड़ा खुलासा

जैसे ही मामला जिला प्रशासन के तक पहुंचा, हड़कंप मच गया। आनन-फानन में हुई जांच में स्पष्ट हुआ कि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी या एसडीएम कार्यालय का इस व्यक्ति से कोई लेना-देना नहीं है। एजेंसी को गुमराह करने के लिए बड़े नामों का फर्जी इस्तेमाल किया गया था। यह पूरी तरह से एक सुनियोजित धोखाधड़ी का मामला है। फिलहाल, पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस बात की तफ्तीश कर रहे हैं कि इस फर्जीवाड़े के पीछे किसका हाथ है और क्या इससे पहले भी इस तरह से सरकारी नामों का दुरुपयोग हुआ है। गैस एजेंसी के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी की पहचान की जा रही है।

सम्राट चौधरी के कार्यालय ने बताया सच

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आप्त सचिव शैलेंद्र कुमार ओझा ने उनके कार्यालय के दबाव पर एक गैस एजेंसी के गोदाम से एलपीजी सिलेंडर मंगवाने से जुड़े आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और भ्रामक बताया है। ओझा ने आज बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही इस तरह की खबरें निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यालय में एसडीओ का कोई पद नहीं है। ऐसे में यह दावा कि कार्यालय में कार्यरत एसडीओ ने गैस एजेंसी के गोदाम से एलपीजी सिलेंडर मंगवाया या आपूर्ति के लिए दबाव बनाया पूरी तरह झूठी और भ्रामक है।उन्होंने कहा कि बिना तथ्य के इस तरह की खबरें फैलाना गलत है और इससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है। 

उन्होंने स्पष्ट किया कि उपमुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत किसी भी कर्मी ने किसी भी गैस एजेंसी से एलपीजी सिलेंडर नहीं मंगवाया है। ओझा ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी, जिससे सच्चाई सामने आ सके और अफवाह फैलाने वालों की पहचान हो सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें तथा किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।

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