Edited By Ramanjot, Updated: 18 Nov, 2025 09:12 PM

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद महागठबंधन की प्रमुख सहयोगी कांग्रेस ने अब संगठन में अनुशासन कड़ा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Congress Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद महागठबंधन की प्रमुख सहयोगी कांग्रेस ने अब संगठन में अनुशासन कड़ा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्टी ने मंगलवार (18 नवंबर 2025) को 43 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन नामों में कई बड़े चेहरे—पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और पदाधिकारी शामिल हैं।
पार्टी की अनुशासन समिति के अनुसार, विधानसभा चुनाव के दौरान कई नेताओं ने कांग्रेस की आधिकारिक लाइन से हटकर बयान दिए। कुछ ने मीडिया पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं जबकि कुछ नेताओं के आचरण ने पार्टी की छवि को प्रतिकूल प्रभावित किया। समिति ने कहा कि इन गतिविधियों को सीधे-सीधे Anti-Party Activities माना गया, इसलिए कार्रवाई आवश्यक हो गई।
21 नवंबर तक देना होगा लिखित जवाब, नहीं तो होगी कड़ी कार्रवाई
प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिल देव प्रसाद यादव ने बताया कि सभी 43 नेताओं से 21 नवंबर को दोपहर 12 बजे तक स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा तक जवाब नहीं मिलता है तो पार्टी अनुशासन समिति को कड़ी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इसमें छह साल तक के निष्कासन से लेकर प्राथमिक सदस्यता समाप्ति तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि अनुशासन और एकजुटता कांग्रेस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और चुनाव में नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
किस-किस को मिला है नोटिस? बड़े नामों की लंबी सूची
जिन नेताओं को कारण बताओ नोटिस दिया गया है, उनमें पूर्व मंत्री अफाक आलम, पूर्व प्रवक्ता आनंद माधव, पूर्व विधायक छत्रपति यादव, पूर्व मंत्री वीणा शाही, पूर्व एमएलसी अजय कुमार सिंह, पूर्व विधायक गजानंद शाही उर्फ मुन्ना शाही, सुधीर कुमार उर्फ बंटी चौधरी, बांका जिला कांग्रेस अध्यक्ष कंचना कुमारी, सारण जिला अध्यक्ष बच्चू कुमार बीरू और पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष राज कुमार राजन शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व इस बार अनुशासनहीनता पर किसी भी तरह की ढील देने के पक्ष में नहीं है, खासकर तब जब चुनावी हार ने पहले ही संगठन को कमजोर कर दिया है।
बिहार चुनाव 2025: कांग्रेस सिर्फ छह सीटों पर सिमटी
गौरतलब है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बेहद खराब प्रदर्शन करते हुए मात्र 6 सीटों पर सिमट गई थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम भी अपनी सीट नहीं बचा सके। चुनावी नतीजों के बाद लगातार अंदरूनी कलह और कई नेताओं के असंतोष ने कांग्रेस को संगठनात्मक सुधार के लिए मजबूर कर दिया है।