पटना की छात्रा ने डॉक्टरों-नर्सों को कोरोना से बचाने के लिए बनाया "मेडी रोबोट", ऐसे करेगा मदद

Edited By Ramanjot, Updated: 23 May, 2021 12:11 PM

patna student made medi robot to save doctors and nurses from corona

बीआईटी, दुर्ग की फाईनल ईयर की इंजीनियरिंग छात्रा आकांक्षा ने अपने इनोवेटर पिता योगेश कुमार की मदद से डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी को कोविड-19 की महामारी से बचाने की मुहिम में एक अनोखा मेडी रोबोट बनाया है। अद्दश्य और बहरूपिया शत्रु कोरोना वायरस से मानव...

पटनाः बीआईटी, दुर्ग की फाईनल ईयर की इंजीनियरिंग छात्रा आकांक्षा ने अपने इनोवेटर पिता योगेश कुमार की मदद से डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी को कोविड-19 की महामारी से बचाने की मुहिम में एक अनोखा मेडी रोबोट बनाया है। अद्दश्य और बहरूपिया शत्रु कोरोना वायरस से मानव सभ्यता को बचाने की मुहिम में लाखों डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी भी प्रभावित हुए हैं।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आई एम ए) के अनुसार देश में 40 प्रतिशत डॉक्टर संक्रमित हैं और हजारों डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी की मृत्यु हुई है और इसे देखते हुए इंजीनियरिंग छात्रा आकांक्षा ने अपने इनोवेटर पिता योगेश कुमार की मदद से मेडी रोबोट बनाकर इन दिनों सुर्खियां बटोर रही हैं। यह रोबोट बिना डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी के संक्रमित व्यक्ति के पास गए हीं उनको दवा, खाना, पानी इत्यादि पहुंचा सके, साथ ही उनका बेसिक स्वास्थ परीक्षण कर सके। इसके पूर्व भी पिता पुत्री की जोड़ी ने कोरोना से बचाव की मुहिम में अपने घर को कोरोना सुरक्षित घर बनाने के लिए कई अनोखे इनोवेटिव उपकरण बनाए हैं। आकांक्षा के इस मेडी रोबोट का सेलेक्शन अवार्ड के लिए भी हुआ है।

ऐसा काम करेगा मेडी रोबोट
आपकों बता दें कि यह रोबोट दूर से ही कोरोना संक्रमित मरीजों की बेसिक मेडिकल जांच कर लेगा। इस मेडी रोबोट की मदद से डॉक्टर दूर से ही मरीज के ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा जान सकेंगे। साथ ही यह रोबोट बॉडी में ऑक्सीजन लेवल, हृदय गति, शरीर का तापमान, ब्लड प्रेशर, मरीज का वजन, ईसीजी, वायरलेस स्टेथोस्कोप से फेफ़ड़े की स्थिति की जानकारी भी देगा। यह रोबोट विदेशों में काम कर रहे मेडिकल रोबोट से बेहतर और सस्ता है। इस मेडी रोबोट की लागत सिर्फ एक लाख रुपए है। रोबोट के पेटेंट के लिए आवेदन किया जा चुका है।

इस संबंध में पूर्व राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी प्रशिक्षक और अब क्रियेटिव मैन के नाम से लोकप्रिय योगेश ने शनिवार को बताया कि देश में ऑक्सिजन, दवा, बेड जैसे संसाधनों की कमी थी, जिसे काफी हद तक पूरा कर लिया गया है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या है, डॉक्टर और स्वस्थ्य कर्मी की। ज्यादातर डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी कोरोना से संक्रमित मरीज के इलाज के दौरान संक्रमित हुए हैं और उनकी मौत भी हो रही है। जब हमें बचाने वाले हीं सुरक्षित नहीं रहेंगे तो हमलोग कैसे सुरक्षित रहेंगे।

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