Edited By SHUKDEV PRASAD, Updated: 09 Mar, 2026 11:29 PM

बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar के राजनीतिक आगमन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस मुद्दे पर जनसुराज अभियान के सूत्रधार और चुनावी रणनीतिकार Prashant Kishor ने तीखी टिप्पणी की है।
Bihar news: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar के राजनीतिक आगमन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस मुद्दे पर जनसुराज अभियान के सूत्रधार और चुनावी रणनीतिकार Prashant Kishor ने तीखी टिप्पणी की है।
कैमूर जिले में आयोजित एक जनसभा के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि वे निशांत कुमार के राजनीति में आने का स्वागत करते हैं और उनके अच्छे भविष्य की कामना करते हैं। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने बिहार की राजनीतिक व्यवस्था और जनता की सोच पर सवाल भी उठाए।
किशोर ने कहा कि अक्सर नेता अपने बच्चों के लिए सत्ता और प्रभाव का रास्ता तैयार कर देते हैं, जबकि आम नागरिक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर उतनी गंभीरता नहीं दिखाते। उन्होंने कहा कि जहां नेताओं के बच्चों के लिए राजनीतिक मंच तैयार होता है, वहीं आम लोगों के बच्चे बेरोजगारी, अशिक्षा और पलायन जैसी समस्याओं से जूझते हैं।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय तक वंशवाद की राजनीति के खिलाफ बोलते रहे, लेकिन अब उनकी ही पार्टी Janata Dal (United) में उनके बेटे के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा हो रही है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि यह केवल किसी एक परिवार या व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि यह बिहार की व्यापक सामाजिक और राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर लोग अपने बच्चों के भविष्य को लेकर सच में चिंतित होते, तो राज्य के हजारों युवाओं को रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।
उन्होंने यह भी कहा कि कई बार दूसरे राज्यों में काम करने गए बिहार के युवा हादसों या कठिन परिस्थितियों में अपनी जान गंवा देते हैं। किशोर के मुताबिक यह स्थिति इस बात का संकेत है कि राज्य को विकास और रोजगार के नए अवसरों की सख्त जरूरत है।
सभा के दौरान उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के भविष्य के बारे में गंभीरता से सोचें और ऐसे नेतृत्व का समर्थन करें जो राज्य में शिक्षा, रोजगार और बेहतर अवसर पैदा कर सके।