Edited By Ramanjot, Updated: 24 Feb, 2026 04:15 PM

बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को बड़ा झटका लगा है। मखदुमपुर से पूर्व प्रत्याशी ने समर्थकों संग जन सुराज छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में जन सुराज पार्टी (Jan Suraj Party) के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक ओर जहां जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान के जरिए अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी को अपने ही नेताओं के इस्तीफे का सामना करना पड़ रहा है। इसी क्रम में, मखदुमपुर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के पूर्व उम्मीदवार रहे वरिष्ठ नेता शंकर स्वरूप राम ने जन सुराज से नाता तोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
सदाकत आश्रम में हुई 'घर वापसी'
सोमवार, 23 फरवरी को पटना स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय (सदाकत आश्रम) में एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान शंकर स्वरूप राम अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हुए। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने उनका पार्टी में स्वागत किया और इस कदम को कांग्रेस की विचारधारा में उनकी आस्था बताते हुए इसे "घर वापसी" करार दिया।
कौन हैं शंकर स्वरूप राम?
शंकर स्वरूप राम गया जिले के एक कद्दावर राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वे कांग्रेस के पूर्व सांसद स्व. रामस्वरूप राम के पुत्र हैं और लंबे समय से सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में वे जन सुराज पार्टी के टिकट पर मखदुमपुर से चुनाव लड़ चुके हैं।
"कांग्रेस मेरी विचारधारा है": शंकर स्वरूप राम
कांग्रेस में शामिल होने के बाद शंकर स्वरूप राम ने अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए कहा, "मैं हमेशा से वैचारिक रूप से कांग्रेसी रहा हूं। मेरी सोच और कार्यशैली कांग्रेस की विचारधारा के अनुरूप है। अब मैं पूरी निष्ठा के साथ कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए कार्य करूंगा।"
संगठन को मजबूती मिलने का दावा
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि शंकर स्वरूप राम के आने से पार्टी को गया क्षेत्र और राज्य स्तर पर नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके दीर्घकालिक राजनीतिक अनुभव का लाभ कांग्रेस संगठन को आगामी चुनौतियों से निपटने में मिलेगा।