Bihar News: AI तकनीक से होगी सड़कों की निगरानी, OPRMC-III से बदलेगा रोड मेंटेनेंस सिस्टम

Edited By Ramanjot, Updated: 17 Jan, 2026 06:45 PM

road construction department

पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में आज विभागीय सभाकक्ष में सड़कों के आधुनिक संधारण हेतु OPRMC-III (Output and Performance Based Road Maintenance Contract) के क्रियान्वयन हेतु विस्तृत समीक्षा की गई।

पटना: पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में आज विभागीय सभाकक्ष में सड़कों के आधुनिक संधारण हेतु OPRMC-III (Output and Performance Based Road Maintenance Contract) के क्रियान्वयन हेतु विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सचिव ने सड़कों की गुणवत्ता और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की गई नई रूपरेखा पर चर्चा की। 

प्रस्तुति के माध्यम से सड़क की रियल टाइम निगरानी, एआई/एमएल आधारित मॉनिटरिंग, सड़क एम्बुलेंस सेवा एवं उच्च स्तर के रखरखाव कार्यों की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। सड़कों के आधुनिक संधारण हेतु पूर्व में लागू OPRMC-II की सफलता को देखते हुए OPRMC-III को नए संधारण प्रणालियों के साथ 7 वर्षों के लिए लागू किया जाएगा। 

सचिव ने बताया कि बिहार का OPRMC मॉडल देशभर में लागत-कुशल, टिकाऊ और पारदर्शी प्रणाली के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह नीति राज्य में सड़क रखरखाव के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी मॉडल बन चुकी है, जो सड़क उपयोगकर्ताओं को बेहतर सुविधा और सुरक्षा भी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि OPRMC-III को और भी बेहतर और रियल टाइम मॉनीटरिंग को ध्यान में रखकर लागू किया जाएगा, जिसमें एआई/एमएल तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि इस मुख्य उद्देश्य मॉडल की दक्षता, निगरानी प्रणाली और रखरखाव के आधुनिक तरीकों को और सुदृढ करना है ताकि पारदर्शिता के साथ सड़क की गुणवत्ता लगातार बनी रहे और मरम्मत समय पर सुनिश्चित हो। OPRMC-II की तुलना में इस बार लक्ष्य को काफी बढ़ाया गया है। इसके तहत कुल 100 पैकेजों में लगभग 19,327 किलोमीटर लंबी सड़कों के संधारण का प्रावधान किया गया है। 
 
इसके साथ ही 6 मीटर तक के पुल-पुलियों का पूर्ण संधारण एवं प्रबंधन OPRMC-III द्वारा किया जाएगा। 6 मीटर से ऊपर के पुलों के मामले में केवल Approach Road के Crust & Shoulder का संधारण किया जाएगा। 

सचिव के द्वारा बताया गया कि सड़कों की त्रुटियों के सर्वेक्षण हेतु एआई/एमएल तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि मानवीय हस्तक्षेप कम-से-कम हो।  OPRMC-II की तुलना में OPRMC-III में सड़कों की मरम्मत हेतु रेस्पॉन्स टाइम को कम किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने पदाधिकारियों को आवश्यक निदेश दिया। 

OPRMC-III को जल्द लागू करने के लिए प्रपोजल को समक्ष प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त कर क्रियान्वित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मॉडल सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ यातायात सुगमता और लंबी अवधि में सड़क नेटवर्क की स्थिरता भी सुनिश्चित करता है। पथों में पड़ने वाले गड्ढों और त्रुटियों को न्यूनतम समय में मरम्मत कर Riding quality के मानकों के अनुरूप लाया जायेगा। इस बैठक में पथ निर्माण विभाग के वरीय पदाधिकारियों एवं अभियंताओं सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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