महामारी के दौर में मिथिला विवि में एकेडमिक सत्र का नियमित होना गर्व का विषयः प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह

Edited By Ramanjot, Updated: 13 Jan, 2022 06:50 PM

statement of prof surendra pratap singh

प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने आज यहां ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर के जुबली हॉल में अधिषद् की बैठक में कहा कि वैश्विक महामारी में सर्वाधिक प्रभाव हमारी शैक्षणिक-व्यवस्था पर पड़ा है। कोविड-19 के कारण कुछ समय के लिए स्नातकोत्तर विभाग एवं...

दरभंगाः बिहार के प्रतिष्ठित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कोरोना के दौर में विश्वविद्यालय के एकेडमिक सत्र को नियमित रखने के लिए शिक्षकों एवं अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने गुरूवार को कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है।

प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने आज यहां ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर के जुबली हॉल में अधिषद् की बैठक में कहा कि वैश्विक महामारी में सर्वाधिक प्रभाव हमारी शैक्षणिक-व्यवस्था पर पड़ा है। कोविड-19 के कारण कुछ समय के लिए स्नातकोत्तर विभाग एवं महाविद्यालय बंद करने पड़े। लेकिन शिक्षक एवं अधिकारी छात्र-हित में ऑनलाइन वर्ग लेते रहे। परीक्षाएं नियमित सत्र के साथ संचालित होती रही हैं। यही कारण है कि पूरे बिहार में एक मात्र ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का एकेडमिक सत्र नियमित चल रहा है, यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है।

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय स्थापना के 50 में वर्ष में इस वैश्विक महामारी के दौर में 61 राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किए गए, 12 अंतररष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किए गए एवं 103 एकेडमिक प्रतिस्पर्धा संचालित हुई हैं। रिसर्च के क्षेत्र में 600 छात्रों को पी.एच. डी. उपाधि दी गई। इतना ही नहीं पी.एच.डी शोध-प्रबंध को शोधगंगा एप पर डाला जा रहा है। साथ ही एंटी-प्लेगेरिज्म व्यवस्था शुरू की गई है, जिससे रिसर्च की गुणवत्ता में अभिवृद्धि हुई है। वहीं, 17 से अधिक विभिन्न स्नातकोत्तर विभागों में जे.आर.एफ के रूप में अपना योगदान दिया है।

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