Edited By Swati Sharma, Updated: 02 Dec, 2025 01:16 PM

Who Is Dr. Prem Kumar: बीजेपी के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री डॉ. प्रेम कुमार मंगलवार को निर्विरोध बिहार विधानसभा के स्पीकर चुने गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) उन्हें अध्यक्ष की चेयर तक ले...
Who Is Dr. Prem Kumar: बीजेपी के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री डॉ. प्रेम कुमार मंगलवार को निर्विरोध बिहार विधानसभा के स्पीकर चुने गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) उन्हें अध्यक्ष की चेयर तक ले गए। वे गया टाउन से लगातार 9 बार विधायक चुने गए हैं। आइए जानते है कि कौन हैं डॉ. प्रेम कुमार...
कौन हैं डॉ. प्रेम कुमार?
प्रेम कुमार का जन्म 5 अगस्त 1955 को हुआ था। वह बीजेपी के टिकट पर गया टाउन से लगातार 9वीं बार के विधायक बने हैं। प्रेम कुमार साल 1990 में गया शहर विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीतकर विधायक बने थे और अब तक लगातार 9 बार विधायक चुने गए हैं। पिछले 35 वर्षों में उनका राजनीतिक करियर लगातार नई ऊचाइयां छूता चला गया। अक्टूबर 2015 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद उन्हें बिहार विधान सभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी चुना गया था। वे मंत्री के रूप में भी कई महतवपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं।
प्रेम कुमार का परिवार
प्रेम कुमार का संबंध चंद्रवंशी जाति से है। प्रेम कुमार ने विद्यार्थी जीवन से ही राजनीति शुरू कर दी थी। 80 के दशक में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ली और अबतक पार्टी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने पीएचडी की उपाधि मगध विश्वविद्यालय से 1999 में प्राप्त की थी। वहीं, प्रेम कुमार के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा-बेटी हैं। दोनों ही शादीशुदा हैं।
बता दें कि भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार को मंगलवार को सर्वसम्मति से 18वीं बिहार विधानसभा का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। प्रोटेम स्पीकर नरेन्द्र नारायण यादव ने सदन को सूचित किया कि अध्यक्ष पद के लिए प्रेम कुमार ही एकमात्र उम्मीदवार थे। इसके बाद, उन्हें ध्वनि मत से “सर्वसम्मति से निर्वाचित” घोषित किया गया। गया टाउन सीट से हाल ही में लगातार नौवीं बार विजयी हुए प्रेम कुमार को परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अध्यक्ष के आसन तक पहुंचाया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुमार को अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह बिहार विधानसभा के लिए एक सकारात्मक संकेत है और इससे राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मजबूत होगी।