Edited By Khushi, Updated: 08 Jan, 2026 05:10 PM

Municipal Election: झारखंड में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की शुरुआत के बावजूद नगर निकाय चुनाव कराए जाएंगे। इसे लेकर गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
Municipal Election: झारखंड में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की शुरुआत के बावजूद नगर निकाय चुनाव कराए जाएंगे। इसे लेकर गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
नगर निकाय चुनाव से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में गृह सचिव, डीजीपी, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव समेत राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक के दौरान नगर निकाय चुनाव से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कुछ जिलों द्वारा अब तक आवश्यक रिपोर्ट नहीं भेजे जाने पर नाराजगी जताई और शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। विशेष रूप से गोड्डा, दुमका और सरायकेला-खरसावां जिलों से मत पेटिकाओं की आवश्यकता, उपलब्धता और मरम्मत से संबंधित रिपोर्ट अब तक प्राप्त नहीं होने पर आयोग ने कड़ी आपत्ति दर्ज की। बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग को निर्देश दिया गया कि निर्वाचन के लिए आवश्यक धनराशि का आकलन कर जिलों से व्यय राशि की मांग सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही मतदान केंद्रों पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की आवश्यकता और उपलब्धता का आकलन कर आवश्यकतानुसार बलों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
जल्द ही चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि बैठक में सभी स्तरों पर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई है और लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का नगर निकाय चुनाव पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। आयोग अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव संपन्न कराएगा। नगर निकाय चुनाव को लेकर निर्वाचन कर्मियों, निर्वाची पदाधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य संबंधित कर्मियों का प्रशिक्षण इसी महीने पूरा कर लिया जाएगा। आयोग के सचिव ने बताया कि चुनाव की अधिसूचना जारी करने से पहले प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा कर लिया जाएगा और इसके बाद जल्द ही चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी। मेयर और नगर परिषद अध्यक्ष पदों के आरक्षण को लेकर पूछे गए सवाल पर राधेश्याम प्रसाद ने कहा कि आरक्षण को जल्द ही अंतिम रूप देकर सार्वजनिक कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग के निर्णय के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराने के लिए किसी प्रकार की समय-सीमा का प्रावधान नहीं है। कुल मिलाकर, राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव कराने को लेकर निर्वाचन आयोग की सक्रियता से यह संकेत मिल रहा है कि यदि कोई तकनीकी बाधा सामने नहीं आती है, तो नगर निकाय चुनाव मार्च से पहले संपन्न करा लिए जाएंगे।