झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर आयोग सख्त, बूथ कैप्चरिंग पर कर्मियों को 3-5 साल जेल

Edited By Khushi, Updated: 18 Feb, 2026 11:16 AM

jharkhand municipal election commission takes strict action with booth capturin

Ranchi News: झारखंड में आगामी नगर निकाय चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि यदि मतदान कार्य में तैनात कोई सरकारी कर्मी बूथ...

Ranchi News: झारखंड में आगामी नगर निकाय चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि यदि मतदान कार्य में तैनात कोई सरकारी कर्मी बूथ कैप्चरिंग या अन्य अनैतिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है और आरोप प्रमाणित हो जाता है, तो उसे तीन से पांच वर्ष तक की सजा हो सकती है।

प्रसाद ने बताया कि आम नागरिकों के लिए ऐसी गड़बड़यिों पर एक से पांच साल तक की सजा का प्रावधान है, लेकिन सरकारी कर्मचारी या पदाधिकारी के मामले में न्यूनतम सजा तीन वर्ष होगी। इसके साथ ही संबंधित कर्मी पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी, जिससे उसकी नौकरी पर भी संकट आ सकता है। आयोग ने सभी निर्वाचन कर्मियों से स्वच्छ और निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है। गैर-दलीय आधार पर होने वाले इस चुनाव में कुल 43 लाख 33 हजार 574 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 22 लाख 7 हजार 203 पुरुष, 21 लाख 26 हजार 227 महिला तथा 144 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।

प्रसाद ने बताया कि राज्य में कुल 48 नगर निकायों में चुनाव होंगे, जिनमें 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं। 23 फरवरी 2026 को एक ही दिन बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान कराया जाएगा। कुल 1,087 वाडरं में 4,304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। लगभग 50,000 सरकारी कर्मी चुनाव ड्यूटी में तैनात रहेंगे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर प्रीजाइडिंग ऑफिसर समेत पांच निर्वाचन कर्मी तैनात रहेंगे। सुरक्षा के लिए हर बूथ पर एक पदाधिकारी के साथ चार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। मतदान केंद्र के 100 मीटर दायरे में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। उड़नदस्ता टीमों और वरीय अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण भी किया जाएगा। मतदान के बाद 27 फरवरी 2026 को मतगणना होगी। मतगणना स्थल (वज्रगृह) की सुरक्षा तीन स्तरों पर सुनिश्चित की गई है। चुनाव आयोग ने इस बार बैलेट पेपर के उपयोग का निर्णय लिया है। महापौर/अध्यक्ष पद के लिए गुलाबी (पिंक) रंग का तथा वाडर् पार्षद पद के लिए सफेद रंग का बैलेट पेपर इस्तेमाल किया जाएगा। मतदाता निर्धारित पहचान पत्र दिखाकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

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