Edited By Khushi, Updated: 11 Jan, 2026 10:24 AM

Municipal Election: झारखंड में होने वाले नगर निकाय चुनाव इस बार बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएंगे, जिसमें मतदाताओं को एक ही बैलेट बॉक्स में वार्ड पार्षद और मेयर/अध्यक्ष दोनों पदों के लिए मतदान करना होगा।
Municipal Election: झारखंड में होने वाले नगर निकाय चुनाव इस बार बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएंगे, जिसमें मतदाताओं को एक ही बैलेट बॉक्स में वार्ड पार्षद और मेयर/अध्यक्ष दोनों पदों के लिए मतदान करना होगा। हालांकि मतदाताओं को दोनों पदों के लिए अलग-अलग रंगों के बैलेट पेपर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे मतदान प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके।
बैलेट बॉक्स की रंगाई और मरम्मत का कार्य जिला स्तर पर पूरा कर लिया गया
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और निष्पक्ष ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से सभी रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) को प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके तहत 16 जनवरी को राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें चुनाव संचालन से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर पर्याप्त संख्या में बैलेट बॉक्स उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि बैलेट बॉक्स की रंगाई और मरम्मत का कार्य जिला स्तर पर पूरा कर लिया गया है। आयोग के अनुसार मेयर/अध्यक्ष पद के लिए पिंक रंग का बैलेट पेपर जबकि वार्ड पार्षद के लिए सफेद रंग का बैलेट पेपर इस्तेमाल किया जाएगा।
अलग-अलग रंग होने के कारण छंटनी में सुविधा होगी
आयोग ने सभी जिलों को 50-50 चुनाव चिन्ह उपलब्ध कराते हुए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित करने का निर्देश दिया है। हालांकि, एक ही बैलेट बॉक्स में दोनों पदों के लिए मतदान कराए जाने के निर्णय से मतगणना में विलंब की संभावना जताई जा रही है। मतगणना के दौरान सभी बैलेट बॉक्स से प्राप्त दोनों प्रकार के बैलेट पेपर को अलग-अलग छांटना होगा। यद्यपि अलग-अलग रंग होने के कारण छंटनी में सुविधा होगी, फिर भी स्वाभाविक रूप से मतगणना प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है, जिससे चुनाव परिणाम आने में देरी हो सकती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के बाद राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इसके उपरांत इस महीने के अंत तक नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने की संभावना जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि राज्य के 48 नगर निकायों में वार्ड पार्षद और मेयर/अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है।