Edited By Khushi, Updated: 09 Mar, 2026 11:26 AM

Jharkhand News: केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य योजनाओं में बदलाव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद राज्य सरकार ने भी संशोधित योजना को जिलावार लागू करने की स्वीकृति जारी कर दी है। इस योजना के तहत नए स्वास्थ्य भवनों का निर्माण, स्वास्थ्य...
Jharkhand News: केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य योजनाओं में बदलाव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद राज्य सरकार ने भी संशोधित योजना को जिलावार लागू करने की स्वीकृति जारी कर दी है। इस योजना के तहत नए स्वास्थ्य भवनों का निर्माण, स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन और डायग्नोस्टिक सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15वें वित्त आयोग के तहत पहले से स्वीकृत स्वास्थ्य योजनाओं के कुछ कंपोनेंट में बदलाव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 516.70 करोड़ रुपये की संशोधित योजना को स्वीकृति दी गई है। केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार ने भी जिलावार संशोधित योजना को लागू करने की अनुमति दे दी है। संशोधित योजना के तहत राज्य में भवनरहित 634 स्वास्थ्य उपकेंद्रों और 13 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए नए भवन बनाए जाएंगे। इन भवनों के निर्माण पर करीब 113.22 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा कई ग्रामीण स्वास्थ्य उपकेंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में अपग्रेड किया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
केंद्र सरकार ने राज्य के प्रस्ताव पर कई ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट और स्वास्थ्य केंद्रों में डायग्नोस्टिक सेवाओं के विस्तार की योजना को भी मंजूरी दी है। साथ ही शहरी स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। दरअसल, मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति ने 15वें वित्त आयोग के तहत पहले से स्वीकृत योजनाओं के कंपोनेंट में बदलाव की सिफारिश की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंजूरी मिलने पर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है।
केंद्र सरकार ने पिछले महीने 26 तारीख को इस योजना को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी। इसके तहत राज्य सरकार को तय समय के भीतर योजनाओं को पूरा करना होगा। साथ ही योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की नियमित रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाणपत्र भी केंद्र को देना होगा। वहीं राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकृत राशि की निकासी और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक प्रमुख के साथ-साथ जिलों के सिविल सर्जनों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। डायग्नोस्टिक सेवाओं के विस्तार के तहत स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जरूरी उपकरणों की सूची भी तय कर दी गई है, जिनकी खरीद की जाएगी।