हे भगवान! पैसों के लिए अपने ही जिंदा पतियों को मार रही महिलाएं, अब सभी पर होगी कानूनी कार्रवाई

Edited By Khushi, Updated: 18 Feb, 2026 04:56 PM

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Dumka News: दुमका जिले के रानीश्वर प्रखंड में विधवा पेंशन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सोशल ऑडिट के दौरान खुलासा हुआ कि कई महिलाओं ने अपने जीवित पति को मृत दिखाकर वर्षों से पेंशन की राशि उठाई। मामले में पंचायत स्तर पर एजेंट की भूमिका भी...

Dumka News: दुमका जिले के रानीश्वर प्रखंड में विधवा पेंशन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सोशल ऑडिट के दौरान खुलासा हुआ कि कई महिलाओं ने अपने जीवित पति को मृत दिखाकर वर्षों से पेंशन की राशि उठाई। मामले में पंचायत स्तर पर एजेंट की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।

पेंशन के नाम पर बड़ा खेल उजागर
जिले के रानीश्वर प्रखंड अंतर्गत मोहलबना पंचायत में विधवा पेंशन योजना में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। सोशल ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने कदमा गांव पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान पता चला कि छह महिलाओं ने सिर्फ एक हजार रुपये मासिक पेंशन के लिए अपने जीवित पतियों को मृत घोषित कर दिया था। यह खेल पिछले कई वर्षों से चल रहा था। हाल ही में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा के निर्देश पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का सोशल ऑडिट कराया गया था। इसी दौरान मोहलबना पंचायत में 14 ऐसे लाभुकों की पहचान हुई, जो करीब नौ साल से गलत तरीके से विधवा पेंशन ले रहे थे।

जांच में पति मिले जीवित
बीडीओ ने गांव पहुंचकर लाभुकों का भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान बुलूवाला दासी, मालती मुर्मू, चुड़की मुर्मू, रेखा गोराई, सुकुरमुनी सोरेन और सुमिदा दत्ता अपने-अपने पतियों के साथ मौजूद मिलीं। जब बीडीओ ने पूछा कि पति जीवित होने के बावजूद विधवा पेंशन क्यों ली जा रही है, तो किसी ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। महिलाओं ने बताया कि गांव के एक व्यक्ति ने योजना का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे संपर्क किया था। उसने कहा था कि हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपये में से 500 रुपये उसे देने होंगे। तब से वे आधी राशि उस व्यक्ति को देती आ रही थीं।

नोटिस जारी, होगी वसूली
बीडीओ ने बताया कि सभी संबंधित महिलाओं को प्रखंड स्तर से नोटिस भेजा जा रहा है। उनसे अब तक ली गई राशि की वसूली की जाएगी। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच के समय प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), कनीय अभियंता, पंचायत की मुखिया, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवक और अन्य कर्मचारी मौजूद थे। फिलहाल यह मामला रानीश्वर प्रखंड की एक पंचायत तक सीमित है, लेकिन यदि जिले के सभी 10 प्रखंडों की 201 पंचायतों में जांच कराई जाती है, तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। अनुमान है कि यह रकम करोड़ों तक पहुंच सकती है।

अब तक लाखों की निकासी
विधवा पेंशन योजना के तहत हर माह 1000 रुपये दिए जाते हैं। यह गड़बड़ी करीब 10 साल से चल रही थी। इस हिसाब से एक महिला लगभग 1.20 लाख रुपये तक की राशि ले चुकी है। पकड़ी गई छह महिलाओं ने मिलकर अब तक करीब 7.20 लाख रुपये की गलत निकासी की है। अगर पूरे जिले में जांच होती है, तो घोटाले की रकम और भी बढ़ सकती है।

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