Edited By Khushi, Updated: 26 Jan, 2026 06:38 PM

Jharkhand News: दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान देने की घोषणा के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस फैसले पर अलग-अलग दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में बिहार से कांग्रेस नेता और पूर्णिया के निर्दलीय...
Jharkhand News: दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान देने की घोषणा के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस फैसले पर अलग-अलग दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में बिहार से कांग्रेस नेता और पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
"शिबू सोरेन सिर्फ एक नेता नहीं हैं, बल्कि..."
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पप्पू यादव ने कहा कि शिबू सोरेन सिर्फ एक नेता नहीं हैं, बल्कि वे आदिवासी समाज की आवाज, आत्मसम्मान और अधिकारों का प्रतीक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े संघर्षशील नेता के लिए भारत रत्न से कम कोई भी सम्मान पर्याप्त नहीं है। पप्पू यादव ने पद्म भूषण दिए जाने को आदिवासी समाज के योगदान को कम आंकने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने दशकों तक आंदोलन का नेतृत्व किया हो, उन्हें किसी औपचारिक सम्मान की जरूरत नहीं होती।