Edited By Nitika, Updated: 26 May, 2022 01:01 PM
बिहार के जमुई जिले से दिव्यांग छात्रा के हौसले को सलाम करता हुआ एक मामला सामने आया है, जहां पर सीमा नाम की एक मासूम ने हादसे में अपना एक पैर गंवा दिया।
जमुईः बिहार के जमुई जिले से दिव्यांग छात्रा के हौसले को सलाम करता हुआ एक मामला सामने आया है, जहां पर सीमा नाम की एक मासूम ने हादसे में अपना एक पैर गंवा दिया। इसके बावजूद भी उसमें पढ़ाई का जुनून कम नहीं हुआ। वह एक पैर पर 1 किमी. कूदकर स्कूल जाती रही। उसका कहना है कि पढ़ती हूं ताकि गरीबों को पढ़ा सकूं। वहीं अब सीमा की मदद के लिए कई लोग आगे आए हैं।

दरअसल, सीमा खैरा प्रखंड के नक्सल प्रभावित इलाके फतेपुर गांव में रहती है। उसके पिता का नाम खिरन मांझी है। सीमा की उम्र 10 साल है। 2 साल पहले एक हादसे में उसे एक पैर गंवाना पड़ा था। इस हादसे ने उसके पैर छीने, लेकिन हौसला नहीं। आज वह अपने गांव में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रति एक मिसाल कायम कर रही है।

वहीं सीमा बड़ी होकर टीचर बनना चाहती है। उसके हौसले के आगे मुसीबतों ने भी हार मान ली है। एक पैर से एक किलोमीटर पैदल चलकर सीमा रोजाना स्कूल जाती है और मन लगाकर पढ़ना चाहती है। वो टीचर बनकर अपने आसपास के लोगों को शिक्षित करना चाहती है।