Edited By Ramkesh, Updated: 29 Jan, 2026 08:32 PM

बिहार में नीतीश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए नियमों में बड़ा संशोधन किया है। कैबिनेट बैठक के बाद दी गई ब्रीफिंग में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र ने बताया कि बिहार सरकार सेवक आचार...
पटना: बिहार में नीतीश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए नियमों में बड़ा संशोधन किया है। कैबिनेट बैठक के बाद दी गई ब्रीफिंग में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र ने बताया कि बिहार सरकार सेवक आचार संशोधन नियमावली–2026 लागू की गई है। इसका उद्देश्य सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के बढ़ते दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण करना है।
समय के साथ इनके दुरुपयोग को लेकर सरकार ने उठाया कदम
डॉ. राजेंद्र ने कहा कि पहले की नियमावली में फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का स्पष्ट उल्लेख नहीं था, लेकिन समय के साथ इनके दुरुपयोग के कई मामले सामने आए। इसी को देखते हुए सरकार ने अब सरकारी सेवकों के ऑनलाइन व्यवहार को लेकर स्पष्ट और कठोर दिशा-निर्देश तय किए हैं।
सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाने के लिए लेनी होगा अनुमति
नए नियमों के तहत कोई भी सरकारी कर्मचारी बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के अपने नाम या छद्म नाम से सोशल मीडिया अकाउंट नहीं बना सकेगा। सरकारी ईमेल आईडी या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल निजी सोशल मीडिया खातों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, ऐसी किसी भी पोस्ट पर रोक होगी जिससे पद की गरिमा प्रभावित हो या सरकार की छवि को नुकसान पहुंचे।
अश्लील चलाने वाले अकाउंट पर भी होगी रोक
सरकारी सेवक सोशल मीडिया पर अश्लील, भड़काऊ या भ्रामक सामग्री साझा नहीं कर सकेंगे। गुमनाम अकाउंट चलाने पर भी रोक लगाई गई है। इसके अलावा, सरकारी नीतियों, योजनाओं, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना वर्जित होगा। किसी भी प्रकार की गोपनीय या संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक करने पर कार्रवाई की जाएगी।
रील या लाइव प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा
नियमों के अनुसार कार्यस्थल या बैठकों के वीडियो, रील या लाइव प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शिकायतों से जुड़े संवाद, आदेश, रिपोर्ट या प्रार्थना पत्र सोशल मीडिया पर साझा नहीं किए जा सकेंगे। सरकारी कर्मचारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से किसी भी तरह की कमाई नहीं कर पाएंगे। जाति या धर्म के आधार पर किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों पर भी सख्त रोक लगाई गई है।