Edited By Ramanjot, Updated: 06 Mar, 2026 12:48 PM

नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के साथ ही बिहार में मुख्मंत्री बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भाजपा इस बार अपना मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में है, जिससे दो दशक पुराना सत्ता समीकरण बदल जाएगा।
Bihar New CM Race: बिहार की सियासत (Bihar Politics) उस मोड़ पर आ खड़ी हुई है जहां दो दशकों से चला आ रहा 'नीतीश युग' एक नए पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किए जाने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज कर दी है और अब गलियारों में सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है- नीतीश के बाद बिहार की कमान किसके हाथ?
20 साल पुराना 'मॉडल' बदलेगी भाजपा?
बिहार में साल 2005 से ही भाजपा और जेडीयू के बीच सत्ता का एक तय फॉर्मूला रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री की कुर्सी नीतीश कुमार के पास और उपमुख्यमंत्री का पद भाजपा के पास रहता था। साल 2005 से 2013 तक भाजपा का एक उपमुख्यमंत्री होता था। 2017 के बाद भाजपा ने दो उपमुख्यमंत्री बनाने का मॉडल अपनाया।
हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार 'पावर शिफ्ट' होने जा रहा है। कयास हैं कि भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाएगी और जेडीयू को उपमुख्यमंत्री पद से संतोष करना पड़ सकता है।
सीएम की रेस में 'चौंकाने वाले' नामों की चर्चा
भाजपा नेतृत्व अक्सर अपने फैसलों से चौंकाने के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्तमान में पांच नाम चर्चा के केंद्र में हैं:
1. नित्यानंद राय: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और अमित शाह के भरोसेमंद।
2. सम्राट चौधरी: वर्तमान उपमुख्यमंत्री और प्रदेश की राजनीति का बड़ा ओबीसी चेहरा।
3. विजय सिन्हा: वर्तमान उपमुख्यमंत्री और अनुभवी संगठनकर्ता।
4. दिलीप जायसवाल: बिहार सरकार में प्रभावी मंत्री।
5. संजय चौरसिया: वरिष्ठ विधायक, जिनका नाम संगठन में काफी मजबूत है।
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