Edited By Ramanjot, Updated: 26 Nov, 2025 09:30 PM

बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने दावा किया है कि विधानसभा चुनाव 2025 में जीतने वाले पार्टी के एकमात्र विधायक को सत्ता पक्ष अपनी ओर करने की कोशिश कर रहा है।
Bihar Politics: बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने दावा किया है कि विधानसभा चुनाव 2025 में जीतने वाले पार्टी के एकमात्र विधायक को सत्ता पक्ष अपनी ओर करने की कोशिश कर रहा है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या इस बार भी BSP का एकमात्र विधायक सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा बन सकता है। यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है क्योंकि 2020 के विधानसभा चुनाव में चैनपुर सीट से जीतने वाले जमा खान ने बाद में जदयू ज्वाइन कर लिया था।
पार्टी की बैठक में उठा दलबदल का मुद्दा
बुधवार को पटना के महाराजा कॉम्प्लेक्स में BSP की State-Level Review Meeting आयोजित की गई। बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आकाश आनंद ने कहा कि सत्ता पक्ष लगातार उनके विधायक को लुभाने की कोशिश कर रहा है और तरह-तरह के प्रलोभन (Allurement) दिए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी किसी भी Defection Attempt का डटकर विरोध करेगी और बसपा संगठन को कमजोर होने नहीं देगी।
सत्ता पक्ष लगातार संपर्क में—प्रभारी अनिल कुमार का आरोप
बैठक में मौजूद BSP के बिहार प्रभारी अनिल कुमार ने भी दावा किया कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं की ओर से लगातार संपर्क साधा जा रहा है। उन्होंने कहा कि, “हमारे विधायक सतीश यादव को अपने पक्ष में करने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन BSP का प्रतिनिधि न किसी दबाव में आएगा और न किसी लालच में।”
बिहार में बसपा विधायकों के दलबदल का इतिहास
यह आरोप इसलिए भी गंभीर माने जा रहे हैं क्योंकि बिहार में BSP विधायकों के दल बदलने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। 2020 में चैनपुर से जीते मोहम्मद जमा खान ने एक साल बाद ही बसपा छोड़कर जदयू का दामन थाम लिया था। नीतीश सरकार ने उन्हें कैबिनेट में शामिल कर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया था। 2025 में भी वे जदयू प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर दोबारा मंत्री बने हैं।
कौन हैं BSP विधायक सतीश यादव ?
इस बार बसपा ने अपना खाता कैमूर जिले के भभुआ से खोला है, जहां सतीश यादव ने भाजपा उम्मीदवार अशोक सिंह को केवल 30 वोटों से हराया था। सतीश यादव वर्तमान में बिहार विधानसभा में BSP के अकेले विधायक हैं और उन्हीं को लेकर राजनीतिक घटनाक्रम गर्माया हुआ है।