Edited By Nitika, Updated: 29 Dec, 2021 03:19 PM

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चिकित्सकों से अपील करते हुए कहा कि वे लोगों की इलाज के दौरान शराब पीने के दुष्परिणाम के साथ ही शुद्ध पेयजल का उपयोग करने तथा खुले में शौच नहीं करने के बारे में बताएं।
पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चिकित्सकों से अपील करते हुए कहा कि वे लोगों की इलाज के दौरान शराब पीने के दुष्परिणाम के साथ ही शुद्ध पेयजल का उपयोग करने तथा खुले में शौच नहीं करने के बारे में बताएं।
नीतीश कुमार ने आईएमए के 96वें राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन करने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘चिकित्सकों से आग्रह है कि लोगों की इलाज के दौरान उन्हें शराब पीने के दुष्परिणाम के बारे में बताएं, उन्हें शुद्ध पेयजल का उपयोग करने तथा खुले में शौच नहीं करने के बारे में बताएं। आप लोगों की बातों का असर सब पर होगा। आप सब लोगों की सेवा कर रहे हैं, हमलोग भी आपकी मदद करते हैं और आगे भी जितना संभव होगा मदद करेंगे। समाज को आगे बढ़ाइए और बेहतर बनाइए।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बिहार में शराबबंदी लागू की। कुछ लोग उनकी बातों से सहमत नहीं थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन की 2018 में रिपोर्ट प्रकाशित हुई, जिसमें बताया गया कि शराब पीने से दुनिया में 30 लाख लोगों की मृत्यु होती है यानी दुनिया में जितनी मृत्यु हुई, उसका 5.3 प्रतिशत मौत शराब पीने से हुई। 20 से 39 आयु वर्ग के लोगों में 13.5 प्रतिशत मृत्यु शराब पीने के कारण होती है। उन्होंने कहा कि खुले में शौच करने से और स्वच्छ पेयजल नहीं उपलब्ध होने के कारण 90 प्रतिशत बीमारियां फैलती हैं। पूरे देश में अब शौचालय का निर्माण हो गया है। उनकी सरकार ने हर घर में शौचालय निर्माण कार्य को लगभग पूरा करा दिया है। हर घर तक नल का शुद्ध पेयजल पहुंचा दिया गया है।