World Bamboo Day 2025: पटना GPO में पहली बार बांस शिल्प प्रदर्शनी, बिहार की कला को मिली नई पहचान

Edited By Ramanjot, Updated: 17 Sep, 2025 08:48 PM

bamboo craft exhibition patna

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, क्षेत्रीय कार्यालय पटना एवं भारतीय डाक, बिहार सर्किल संयुक्त से एक विशेष पहल करते हुए पहली बार 18 सितंबर 2025 को विश्व बांस दिवस मना रहा है।

पटना:भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, क्षेत्रीय कार्यालय पटना एवं भारतीय डाक, बिहार सर्किल संयुक्त से एक विशेष पहल करते हुए पहली बार 18 सितंबर 2025 को विश्व बांस दिवस मना रहा है। समस्तीपुर की कुमारी किरण द्वारा बांस से बने हस्तशिल्प उत्पादों और कलाकृतियों की प्रदर्शनी 18-25 सितंबर, 2025 के दौरान प्रधान डाकघर, पटना (जीपीओ) में लगाई जा रही है। प्रदर्शनी का उ‌द्घाटन निदेशक मुख्यालय बिहार सर्किल पवन कुमार (भा.डा.से.), आईसीसीआर पटना की क्षेत्रीय निदेशक स्वधा रिजवी (आईएफएस) और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थित में मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल मोजफ्फर अब्दाली (भा.डा.से.) द्वारा किया जाएगा।

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2. विश्व बांस दिवस का स्मरणोत्सव बिहार के समाज के सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक ताने-बाने में बांस के अभिन्न स्थान के बारे में जागरूकता बढ़ाने का एक छोटा सा प्रयास है।

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कारीगरों द्वारा तैयार और आम लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले साधारण उत्पादों के रूप में इसकी दैनिक उपयोगिता से लेकर बिहार के सामाजिक-सांस्कृतिक ताने-बाने में बांस के पवित्र स्थान तक, यह पौधा और इसे पोषित करने वाले कारीगर, दोनों ही यथोचित सम्मान के पात्र हैं। प्रधान डाकघर जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में बांस को कलाकृति के रूप में प्रदर्शित करना, सार्वजनिक कार्यालयों को अधिक आकर्षक और सौंदर्यपूर्ण बनाने का एक प्रयास है।

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3. समस्तीपुर की एक निपुण कलाकार कुमारी किरण की कहानी, विरासत में अपने पिता से मिली बांस शिल्प के प्रति निस्वार्थ समर्पण से जुड़ी है। उनकी प्रतिभा बांस की पट्टियों को अपने फुर्तीले और निपुण हाथों से दिए गए जटिल और विविध रूपों में प्रकट होती है। उनकी कृतियों में बिहार के हर घर में मौजूद सूप से लेकर खूबसूरती से बुने हुए लैंपशेड और बैग तक, नए और पारंपरिक बांस शिल्प उत्पाद शामिल हैं।

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4. "बिहार में बांस शिल्प को बढ़ावा देना केवल 'पुराने जमाने की आजीविका' को संरक्षित रखने तक ही सीमित नहीं है, वरन बिहार के भूभाग में उगने वाले इस साधारण पौधे में अंतर्निहित सांस्कृतिक पहचान के उत्सव भी है। स्थिरता के बारे में महत्वपूर्ण चर्चाओं के बीच, बांस शिल्प और हमारे कारीगर एक स्वच्छ और हरित भविष्य की राह दिखाते हैं। विश्व बांस दिवस पर बांस शिल्प प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, क्षेत्रीय कार्यालय पटना और भारतीय डाक, बिहार सर्किल की ओर से बिहार के बांस शिल्प कारीगरों को ढेर सारी शुभकामनाएं एवं सम्मान," स्वधा रिज़वी, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद।

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