बिहार के युवाओं को बड़ा मौका: IIM बोधगया के साथ CM फेलोशिप योजना हुई लॉन्च

Edited By Ramanjot, Updated: 27 Nov, 2025 06:55 PM

bihar cm fellowship scheme

आज बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन (BPSM) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोधगया के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए।

पटना: आज बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन (BPSM) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोधगया के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना का हिस्सा है और इसका उद्देश्य प्रशासनिक सुधार, क्षमता निर्माण और नवाचार में पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम की शुरुआत बिहार के अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा की गई। इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि यह MOU बिहार के प्रशासनिक ढांचे में सुधार लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक स्तर पर युवा और अनुभवी विषय विशेषज्ञों को जोड़कर नीति निर्माण, कार्यान्वयन, और निर्णय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

मुख्य सचिव ने आगे कहा, “यह योजना 9 सितम्बर 2025 को मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित की गई थी और इसका कार्यान्वयन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा IIM बोधगया के सहयोग से बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के माध्यम से किया जाएगा। इस MOU का कार्यान्वयन तीन वर्षों तक होगा, जिसे आपसी सहमति से दो-दो वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है।”

मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना:

इस MOU के तहत, बिहार राज्य के विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर उच्च-गुणवत्ता वाले, अनुभवी विषय विशेषज्ञों को दो वर्षों की अवधि के लिए जोड़ने की योजना है। इस योजना में चयनित फेलो को सरकारी विभागों में नीति निर्माण और कार्यान्वयन में सहायता प्रदान करने का अवसर मिलेगा। चयनित फेलो को एक निश्चित मासिक मानदेय मिलेगा, और दो वर्षों की सफल सेवा के बाद उन्हें IIM बोधगया से सार्वजनिक नीति और Good Governance में प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। यह योजना विशेष रूप से बिहार राज्य के मूल निवासियों के लिए है, और राज्य सरकार के प्रचलित आरक्षण नियमों का पालन किया जाएगा।

नई पहल से जुड़ी विशेषताएँ:

1. फेलोशिप की अवधि दो वर्ष होगी।
2. चयनित फेलो राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में काम करेंगे, जिसमें जिला और प्रमंडल स्तर के कार्यालय भी शामिल होंगे।
3. योजना का उद्देश्य प्रशासनिक निर्णयों में नवाचार, उच्च-गुणवत्ता और युवा प्रतिभाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
4. इस योजना के तहत फेलो राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभागों के साथ काम करेंगे और नीतियों के कार्यान्वयन में मदद करेंगे।
5. IIM बोधगया दिसंबर 2025 में फेलोशिप के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगा।

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डॉ. प्रतिमा, सचिव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, बिहार सरकार ने कहा, "यह योजना बिहार के युवाओं को न केवल शासन व्यवस्था को समझने का अवसर देती है, बल्कि उन्हें राज्य सरकार की नीतियों के निर्माण और कार्यान्वयन में भी सक्रिय भागीदार बना रही है।"

आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनिता सहाय ने इस अवसर पर कहा, “यह एक अभूतपूर्व अवसर है, जहां बिहार के युवा अपनी कौशल को न केवल राज्य सरकार में, बल्कि देशभर में एक नई पहचान दे सकेंगे।  बिहार की आगामी पीढ़ी की प्रतिभाएं आईआईएम बोधगया के साथ मिलकर अपने राज्य और देश के लिए एक नई दिशा तय करेंगी।”

मुख्य सचिव का संदेश:

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कार्यक्रम के समापन पर कहा, “यह योजना केवल एक विचार से शुरू हुई थी, और आज हम इसे वास्तविकता में देख रहे हैं। मैं उन सभी टीमों को बधाई देता हूं जिन्होंने इस योजना को साकार किया। बिहार उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिन्होंने ऐसी पहल शुरू की है। यह एक नई सोच, नवाचार और दक्षताओं का प्रतीक है। इस योजना के माध्यम से हम बिहार के युवाओं को शासन के महत्वपूर्ण पहलुओं में न केवल प्रशिक्षित करेंगे, बल्कि उन्हें प्रशासनिक और नीति कार्यान्वयन में भी एक अहम भूमिका देंगे।”

उन्होंने कहा, “इस पहल का प्रभाव बिहार के प्रशासनिक ढांचे को एक नई दिशा देगा और राज्य में विकास के लिए गति प्रदान करेगा। अगले साल अप्रैल से फेलो हमारे साथ जुड़ेंगे और बिहार की प्रशासनिक प्रणाली को नई ऊर्जा प्रदान करेंगे।”

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