Edited By SHUKDEV PRASAD, Updated: 28 Feb, 2026 10:09 PM

3 और 4 मार्च 2026 को मनाई जाने वाली होली के मद्देनजर राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहार की आड़ में किसी भी तरह की अराजकता, स्टंटबाजी, शराब पीकर वाहन चलाने या सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश...
पटना: 3 और 4 मार्च 2026 को मनाई जाने वाली होली के मद्देनजर राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहार की आड़ में किसी भी तरह की अराजकता, स्टंटबाजी, शराब पीकर वाहन चलाने या सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीजीपी के कड़े निर्देश
राज्य के पुलिस प्रमुख विनय कुमार ने सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने संवेदनशील इलाकों की पहचान कर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। पिछले वर्षों में होली के दौरान हुई घटनाओं की समीक्षा कर संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने का आदेश दिया गया है।
मिश्रित आबादी वाले मोहल्लों, धार्मिक स्थलों और पुराने विवाद वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। हर जिले में कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा और हर दो घंटे पर स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
कानून के तहत सख्ती
संभावित उपद्रवियों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की विभिन्न धाराओं के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शरारती तत्वों से बॉन्ड भरवाने और जरूरत पड़ने पर हिरासत में लेने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। उग्रवाद प्रभावित इलाकों, रेलवे स्टेशन, जेल, सरकारी भवन और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती रहेगी। ट्रेनों में नशाखुरानी गिरोहों पर विशेष नजर रखने के आदेश दिए गए हैं।
भारी सुरक्षा बल की तैनाती
होली के दौरान व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- 12 कंपनी रेंज रिजर्व पुलिस
- 31 कंपनी बिहार सशस्त्र पुलिस
- 2768 प्रशिक्षु सिपाही
- 5100 होमगार्ड
- 3 कंपनी केंद्रीय बल
राजधानी पटना में सबसे अधिक सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। यहां अतिरिक्त रिजर्व पुलिस, बीसैप कंपनियां, नए नियुक्त सिपाही और बड़ी संख्या में होमगार्ड तैनात रहेंगे।
हाई-लेवल मॉनिटरिंग
विधि-व्यवस्था की निगरानी खुद एडीजी स्तर से की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी पंकज कुमार दराद ने भी जिलों को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील इलाकों में मजिस्ट्रेट और पुलिस की संयुक्त तैनाती सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में दंगा नियंत्रण दस्ता 24 घंटे तैयार रखने और विशेष जांच दल गठित करने का फैसला लिया गया।
प्रशासन का संदेश
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि होली को प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाएं। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 और जिला नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क किया जा सकता है।