मकर संक्रांति पर कांग्रेस में भूकंप! दही-चूड़ा भोज से सभी MLA गायब, JDU बोली – खरमास खत्म, पार्टी टूटेगी!

Edited By Ramanjot, Updated: 13 Jan, 2026 08:09 AM

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पटना के सदाकत आश्रम में मकर संक्रांति से ठीक पहले कांग्रेस ने पारंपरिक दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया, लेकिन यह कार्यक्रम सियासी बवाल का केंद्र बन गया।

Congress Dahi Chura Bhoj : पटना के सदाकत आश्रम में मकर संक्रांति से ठीक पहले कांग्रेस ने पारंपरिक दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया, लेकिन यह कार्यक्रम सियासी बवाल का केंद्र बन गया। कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष संजय यादव की अगुवाई में हुए इस भोज में पार्टी के सभी 6 विधायक गायब रहे, साथ ही महागठबंधन के बड़े नेता भी नहीं पहुंचे। आयोजकों ने इसे मुख्य रूप से कार्यकर्ताओं के लिए बताया, लेकिन राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई। NDA खेमे ने इसे कांग्रेस में गहरी दरार का संकेत बताते हुए तीखे तंज कसे।

NDA नेताओं के तीखे हमले

जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने मजाकिया अंदाज में कहा कि भोज में दही फट गया और चूड़ा बासी हो गया, क्योंकि कोई विधायक नहीं आया। उन्होंने दावा किया कि खरमास खत्म होते ही कांग्रेस में बड़ी टूट तय है, और विधायक एनडीए की ओर रुख कर रहे हैं।

एलजेपी (रामविलास) के नेता और मंत्री संजय सिंह ने भी यही दावा दोहराया कि कांग्रेस के सभी 6 विधायक खरमास के बाद एनडीए में शामिल हो जाएंगे। भाजपा के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि राजद के कई विधायक भी उनके संपर्क में हैं।

कांग्रेस का पलटवार

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति सद्भाव और नई ऊर्जा का पर्व है, यहां राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "हम भी तो कह सकते हैं कि जदयू और भाजपा के विधायक हमारे संपर्क में हैं। राजनीति में ऐसी बातें चलती रहती हैं।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके सभी 6 विधायक एकजुट हैं। राजनीति में जो बोला जाता है, वो होता नहीं, और जो होता है वो किसी को बताया नहीं जाता।

खरमास के बाद बदलेगा राजनीतिक समीकरण?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन को करारी शिकस्त मिली थी। राजद को 25 और कांग्रेस को सिर्फ 6 सीटें मिलीं। NDA ने 202 सीटों के साथ भारी बहुमत हासिल किया। ऐसे में कांग्रेस में असंतोष की खबरें पहले से चल रही हैं, और खरमास (अशुभ अवधि) खत्म होने के बाद बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं।

यह घटना बिहार की सियासत में नए सिरे से हलचल पैदा कर रही है। क्या सच में कोई बड़ा 'खेला' होने वाला है, या सिर्फ मनोवैज्ञानिक युद्ध? समय बताएगा!

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