Edited By Ramanjot, Updated: 15 Feb, 2026 04:25 PM

सोने-चांदी के भावों में इस हफ्ते भारी अस्थिरता ने निवेशकों को चौंका दिया। सोमवार की तेजी के बाद बाजार में जबरदस्त गिरावट आई, जिससे 24 कैरेट सोना ₹1,52,765 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,42,433 प्रति किलो के स्तर पर आ गई।
Gold-Silver Prices: बीते एक हफ्ते के दौरान सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने निवेशकों को जबरदस्त तरीके से चौंकाया है। बाजार में कभी 'बुल रन' (तेजी) तो कभी अचानक 'क्रैश' की स्थिति बनी रही, जिससे यह हफ्ता किसी रोमांचक रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहा। वैश्विक दबाव और घरेलू मांग के बीच कीमतों में आए इस उतार-चढ़ाव ने जहां पुराने निवेशकों को चिंतित किया, वहीं नए खरीदारों के लिए प्रवेश के बेहतरीन मौके भी बनाए।
हफ्ते भर का लेखा-जोखा: कब क्या हुआ?
बाजार की शुरुआत सोमवार (9 फरवरी) को बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन स्थिरता गायब रही:
सोमवार: MCX पर सोना 1.28% की बढ़त के साथ ₹1,57,448 प्रति 10 ग्राम पर खुला। चांदी भी ₹2,64,300 प्रति किलो के स्तर पर मजबूती से टिकी थी।
मंगलवार: मुनाफावसूली हावी हुई और सोना गिरकर ₹1,56,539 पर आ गया। चांदी में ₹12,000 की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
गुरुवार का 'क्रैश': बुधवार की मामूली रिकवरी के बाद गुरुवार को बाजार बुरी तरह टूटा, जिससे दोनों धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट आई।
शुक्रवार (क्लोजिंग): हफ्ते के आखिरी दिन बाजार रिकवरी मोड में दिखा, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत मिली।
IBJA रेट्स: साप्ताहिक तुलना (प्रति 10 ग्राम/किलो)
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
| धातु |
पिछला भाव (₹) |
शुक्रवार का भाव (₹ |
कुल गिरावट (₹) |
| सोना (24 कैरेट) |
1,55,650 |
1,52,765 |
2,885 |
| चांदी |
2,59,133 |
2,42,433 |
16,700 |
क्यों रही बाजार में इतनी हलचल?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस अस्थिरता के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण रहे:
अमेरिकी फेडरल रिजर्व: ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेतों पर वैश्विक निवेशकों की पैनी नजर है।
डॉलर की मजबूती: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर के मजबूत होने से पीली धातु की चमक पर दबाव बना रहा।
आगे क्या? एक्सपर्ट्स की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्ते में भी उतार-चढ़ाव का यह सिलसिला जारी रह सकता है।
Short Term: रिस्क बहुत ज्यादा है क्योंकि कीमतें किसी भी दिशा में तेजी से पलट सकती हैं।
Long Term: विशेषज्ञों का कहना है कि जो निवेशक लंबी अवधि (कुछ महीनों या साल भर) के लिए निवेश कर रहे हैं, उनके लिए वर्तमान गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका साबित हो सकती है।