आम आदमी पार्टी के 2 बड़े नेता गिरफ्तार, महिला सिपाही से बदसलूकी का आरोप, मची सियासी हलचल

Edited By Ramanjot, Updated: 21 Feb, 2026 01:12 PM

two prominent aam aadmi party leaders arrested

ट्रैफिक जाम करने और महिला सिपाही से बदसलूकी करने के आरोप में पुलिस ने आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष विकास झा और युवा जिलाध्यक्ष इरशाद पुनर्वी को गिरफ्तार कर लिया है। नेताओं का आरोप है कि वे मेडिकल इमरजेंसी में फंसा हुआ थे, जबकि पुलिस ने सरकारी कार्य...

Bihar News : बिहार के पूर्णिया में 'आम आदमी पार्टी' (AAP) के दो वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी से राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। पुलिस ने पार्टी के जिलाध्यक्ष विकास झा और युवा जिलाध्यक्ष इरशाद पुनर्वी को सरकारी कार्य में बाधा डालने, महिला पुलिसकर्मी के साथ दुर्व्यवहार करने और सड़क जाम करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना शहर के व्यस्त 'लाइन बाजार' इलाके की है। 

ट्रैफिक पोस्ट के पास हुआ विवाद 

यातायात पुलिस के अनुसार, युवा जिलाध्यक्ष इरशाद पुनर्वी ने अपनी गाड़ी को बीच सड़क पर खड़ा कर दिया था, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। जब पुलिस ने उन्हें गाड़ी हटाने का निर्देश दिया, तो उन्होंने उग्र होकर यातायात थानाध्यक्ष का नंबर मांगा और सड़क जाम करने की धमकी दी। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान इरशाद ने ड्यूटी पर तैनात एक महिला सिपाही के साथ हाथापाई की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। 

जाम और हंगामे के बाद गिरफ्तारी 

विवाद बढ़ने पर इरशाद के करीब सौ से अधिक समर्थक मौके पर जुट गए और उन्होंने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वरीय अधिकारियों को मौके पर आना पड़ा। हंगामे के बीच जब जिलाध्यक्ष विकास झा वहां पहुंचे, तो पुलिस ने सरकारी कार्य में हस्तक्षेप करने के आरोप में उन्हें भी हिरासत में ले लिया। 

नेताओं का पक्ष: "आपातकालीन स्थिति में थी बेटी" 

गिरफ्तार युवा जिलाध्यक्ष इरशाद पुनर्वी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा, "मेरी बेटी एक निजी अस्पताल में भर्ती थी और नर्स ने आपातकालीन दवा मंगवाई थी। मैं करीब एक घंटे से जाम में फंसा था। मैंने केवल मदद के लिए थानाध्यक्ष का नंबर मांगा था, जिस पर पुलिसकर्मियों ने मेरे साथ बदतमीजी की।" वहीं, विकास झा के समर्थकों का कहना है कि वे मामले की जानकारी लेने और डीएसपी से बात करने गए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। 

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क्या कहती है पुलिस? 

केहाट थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि यातायात पुलिस की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला सिपाही के साथ मारपीट और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालना गंभीर अपराध है। मेडिकल जांच के बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

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